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सुरक्षा नहीं मिली तो लंबी छुट्टी के अलावा विकल्प नहीं : प्राचार्य

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सहारनपुर/सरसावा। शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी को पत्र लिखने के 48 घंटे बाद भी सुरक्षा नहीं मिली है। इससे आहत प्राचार्य ने लखनऊ निदेशालय में सचिव से बात कर उन्हें हर स्थिति से अवगत कराया। जल्द ही सुरक्षा नहीं मिलने पर लंबी छुट्टी पर चले जाने की बात कही है।
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करीब 15 दिन पहले कॉलेज परिसर में एमबीबीएस के जूनियर और सीनियर छात्रों के गुटों के बीच संघर्ष हुआ था। इसमें तीन छात्र चोटिल हुए थे। मामले केे शांत कराने के लिए कॉलेज प्रशासन को पुलिस और पीएसी बुलाकर दो छात्रावासों को खाली कराना पड़ा था। इसके बाद तीन दिन पहले काम से निकाले गए लोगों ने प्राचार्य के दफ्तर में घुसकर दुर्व्यवहार किया था। साथ ही अंदर से दोनों दरवाजों की कुंडी लगा ली थी। इसके बाद प्राचार्य ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर को पत्र लिखकर सुरक्षा मांगी। उन्होंने जान का खतरा जताते हुए कम से कम दो पुलिसकर्मी सुरक्षा में देने की बात कही थी, मगर पत्र लिखने के 48 घंटे बाद भी उन्हें सुरक्षा नहीं मिली, जबकि नौकरी से निकाले लोगों का धरना और प्रदर्शन कॉलेज परिसर में बीते दस दिन से जारी है। 48 घंटे बाद भी सुरक्षा नहीं मिलने पर उन्होंने निदेशालय में सचिव से बात कर उन्हें पूरी घटना और मौजूदा स्थिति की जानकारी दी है। हालातों में सुधार नहीं होने या सुरक्षा नहीं मिलने पर छुट्टी पर चले जाने की बात कही है।
धरनारत लोगों को हटाए प्रशासन
कोविड की दूसरी लहर में कुछ कर्मचारियों को केवल कोविड के लिए संविदा पर रखा था, मगर कोरोना खत्म होने के बाद कर्मचारियों को बाहर कर दिया। बीते दस दिन से यह लोग कॉलेज परिसर में धरना दे रहे हैं और पुन: काम पर रखने की मांग कर रहे हैं, जबकि यह मामला कॉलेज प्रशासन के स्तर का नहीं है। प्राचार्य का कहना है कि वह प्रशासन को पत्र लिखकर उक्त लोगों को धरने से उठाकर कॉलेज से बाहर करने का अनुरोध किया है, लेकिन प्रशासनिक स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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तीन दिन पहले 40 लोगों ने दफ्तर में आकर दुर्व्यवहार किया। इससे पहले एमबीबीएस के कुछ छात्र भी उत्पात मचा चुके हैं। एसएसपी को पत्र लिखकर सुरक्षा मांगी थी, जो 48 घंटे बाद भी नहीं मिली है। निदेशालय में सचिव से बात कर उन्हें अवगत कराया। यदि सुरक्षा नहीं मिलती है तो छुट्टी लेने के अलावा मेरे पास कोई विकल्प नहीं बचता। - डॉ. अरविंद त्रिवेदी, प्राचार्य, शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज, पिलखनी।
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