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बकाये पर ब्याज मिले तो सुधरे गन्ना किसानों की आर्थिक स्थिति

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सहारनपुर। हाईकोर्ट के रुख के बाद किसानों में बकाया गन्ना मूल्य भुगतान मिलने की आस जगी है। जनपद के किसानों के गत सीजन का ही 35.88 करोड़ रुपये बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज के हैं, जबकि मौजूदा सत्र में भी 10.16 लाख रुपये बकाये पर ब्याज के हो गए हैं।
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हाईकोर्ट के आदेश पर अपर मुख्य सचिव गन्ना संजय आर भूसरेड्डी ने लाभ में रहने वाली दस चीनी मिलों को नोटिस भेजकर तीन वर्ष के बकाया गन्ना मूल्य पर 12 फीसदी की दर से ब्याज देने के लिए नोटिस जारी किए हैं। गन्ना खरीद एक्ट में शुगर मिल में गन्ना सप्लाई होने के 14 दिनों के अंदर गन्ना मूल्य का भुगतान करने का प्रावधान है, लेकिन अधिकांश चीनी मिलें इस नियम का पालन करने में कोताही बरतती हैं। जनपद की दो चीनी मिलों पर गत सीजन के 131.43 करोड़ रुपये और मौजूदा सत्र में भी पांच चीनी मिलों पर 183.27 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य पर बकाया है। मौजूदा पेराई सत्र में अब तक चीनी मिलों ने 124.50 करोड़ रुपये का ही भुगतान किया है।
गन्ना विभाग ने बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज को अपडेट करना शुरू कर दिया है। शासन के आदेशानुसार अगली कार्रवाई की जाएगी। गत सीजन में किसानों का गत सीजन का 35.88 करोड रुपये बकाये पर ब्याज के हो गए हैं। -- कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी, जिला गन्ना अधिकारी।
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मिलों पर गत सीजन का बकाया एवं ब्याज (करोड़ में)
मिल ------- गत सीजन का बकाया ----- बकाया पर ब्याज
देवबंद ------------- 0.00 ---------------------- 2.88
गांगनौली --------- 107.62 ------------------- 12.98
शेरमऊ ------------- 0.00 -------------------- 5.98
गागलहेड़ी --------- 23.80 -------------------- 4.66
नानौता ------------- 0.00 --------------------- 5.01
सरसावा ------------- 0.00 --------------------- 4.35
नोट: गन्ना विभाग के 24 दिसंबर के आंकड़ों के अनुसार।
मिलों ने किया 37.71 करोड़ रुपये का भुगतान
सहारनपुर। जनपद की तीन शुगर मिलों ने शुक्रवार को 37.71 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य भुगतान किया। इसमें गत सीजन का नानौता ने 10.31 करोड़ रुपये, सरसावा ने 5.15 करोड़ रुपये और गांगनौली चीनी मिल ने 1.25 करोड़ रुपये का भुगतान किया। जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि इसके अलावा सहकारी चीनी मिल नानौता ने 19 करोड़ रुपये का मौजूदा पेराई सत्र का भुगतान भी किया। इसके बावजूद दो चीनी मिलों पर 131.43 करोड़ रुपये गत पेराई सत्र के अभी भी बकाया हैं। मौजूदा सत्र में भी पांच चीनी मिलों पर 183.27 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य पर बकाया है। मौजूदा पेराई सत्र में अब तक चीनी मिलों ने 124.50 करोड रुपये का ही भुगतान किया है।
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