नकुड़। गांव साहबामाजरा में सुरजी (80) पत्नी रामलाल को सपनों का मकान तो नसीब नहीं हुआ, लेकिन जर्जर घर ने उसकी सांसें जरूर छीन लीं। प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में नाम दर्ज होने के बाद भी मकान नहीं मिला। नए आशियाने के इंतजार में जर्जर छत गिर गई, जिसके नीचे दबने से महिला की मौत हो गई।
गांव साहबा माजरा निवासी नरेंद्र कुमार ने बताया कि उसका परिवार जिस मकान में रहता है, वह कच्ची छत का मकान है और काफी पुराना है। बुधवार शाम चार बजे उसकी मां सुरजी घर में कुछ काम कर रही थी। इस दौरान कमरे की छत गिर गई और उसकी मां मलबे में दब गई। पड़ोसियों की सहायता से घायल अवस्था में सीएचसी लेकर आए, जहां पर जांच के बाद चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मृतका के पति की करीब दस साल पहले ही मृत्यु हो चुकी है। परिजनों ने बताया कि ग्राम प्रधान से लेकर प्रशासन तक कई बार पीएम आवास योजना के अंतर्गत मकान निर्माण की गुहार लगाने के बाद भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। अगर मकान का निर्माण हो जाता तो शायद महिला की जान बच सकती थी। उधर, तहसीलदार प्रियंक सिंह ने बताया कि घटना को लेकर हल्का लेखपाल को भेजा गया है। इसकी रिपोर्ट बनाकर अधिकारियों को भेजी जाएगी।
मृतका सुरजी का फाइल फोटो