रजबाहे की पटरी टूटने से जलमग्न फसल
- फोटो : SAHARANPUR
नानौता (सहारनपुर)। रामपुरी रजबहे की पटरी टूटने से करीब चार गांव के दर्जनों किसानों की सैकड़ों बीघा गन्ना, उड़द, ज्वर आदि फसलें जलमग्न होने से बर्बाद हो गई। रजबहा टूटने से किसानों में विभागीय अधिकारियों के प्रति गुस्सा बना है। पीड़ित किसानों ने मुआवजे की मांग के साथ ही टूटी पटरी के स्थान को पक्का कराने की मांग की है।
रामपुरी रजबहे की पटरी नानौता क्षेत्र के ग्राम कचराई, सुभरी, कल्लरपुर राजपूत आदि से होकर गुजरती है। दो दिन पूर्व उक्त पटरी सुभरी क्षेत्र में टूट गई। इससे क्षेत्र के ग्रामीणों हरिश्चंद्र की 15 बीघे, पवन कुमार की 4 बीघे, रूपचंद की 12, फूलचंद की 8, प्रेम कुमार की 4, आत्माराम की 4, राज सिंह की 8, छोटा सिंह की 15, बिल्ला की 20 तथा डिप्टी सिंह की 30 बीघा सहित अन्य किसानों की 150 बीघे जमीन में लगी गन्ना, उड़द व ज्वार सहित अन्य फसलें जलमग्न होकर खराब हो गई है।
किसानों का कहना है कि इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को भी कई बार अवगत कराया जा चुका, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। पीड़ित किसानों ने सिंचाई विभाग व प्रशासन से रामपुरी रजबहे की टूटी पटरी को ठीक कराने तथा खराब हुई फसलों का किसानों को मुआवजा दिए जाने की मांग की है। रजबहे की पटरी टूटने का कारण सफाई के दौरान पटरी में सोरी (सुराख) होना माना जा रहा है। उधर इस संबंध में जेई हरि प्रकाश का कहना है कि रजबहे का पानी बंद करा दिया गया है। पटरी ठीक कराई जा रही है।
रामपुरी रजबाहे की टूटी पड़ी पटरी- फोटो : SAHARANPUR