सहारनपुर। कोविड अस्पतालों में भर्ती मरीजों में से अनेक मरीज भोजन के अलावा अंडा, दूध और फल की डिमांड कर रहे हैं। मांग पूरी नहीं होने पर वह अपने घरों से मनपसंद भोजन और अन्य चीजें मंगवा रहे हैं।
शासन ने प्रत्येक मरीज के एक दिन के भोजन के लिए 100 रुपये निर्धारित किए हैं। इसमें मरीजों को सुबह नाश्ते में चाय, पोहा, उबला हुआ चना, कभी सूजी का आइटम और कभी दलिया दिया जाना है। दोपहर में दाल, रोटी, सब्जी और चावल परोसे जाते हैं। शाम के समय चाय तथा रात में फिर से रोटी, चावल, सब्जी, दाल दी जा रही है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि अनेक मरीज दूध, अंडा तथा फल की मांग कर रहे हैं। कुछ मरीजों में कमजोरी को देखते हुए बीते दिनों अंडा और दूध दे दिया जाता था, जो बजट से बाहर था, मगर अन्य मरीजों के ऐतराज करने पर वह भी बंद करना पड़ा है। चूंकि मात्र 100 रुपये में सभी की मांग पूरी नहीं की जा सकती है।
जिला अस्पताल के टीबी सेनेटोरियम में बने कोविड वार्ड में तीमारदारों को भोजन के टिफिन लेकर आते देखा जा सकता है। तीमारदारों का कहना है कि लगातार बुखार और अन्य परेशानियां होने की वजह से उनके मरीजों में कमजोरी है, जो केवल दाल या हरी सब्जियों से दूर नहीं हो सकती। मरीजों को नियमित रूप से दूध, अंडा और फल दिया जाना चाहिए।
100 रुपये का पानी पीता था एक मरीज
बीते वर्ष कोरोना की शुरुआत में मरीजों के भोजन के लिए कोई शुल्क निर्धारित नहीं था। तब विभाग मरीजों को अंडा, दूध यहां तक की च्यवनप्राश तक दे रहा था। एक-एक मरीज गर्मी की वजह से एक दिन में पानी की पांच-पांच बोतल तक पी रहे थे। जिनकी कीमत सौ रुपये बैठती है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो एक मरीज पर 300 से 400 रुपये खर्च किए जा रहे थे। मगर उसके बाद सरकार ने शुल्क निर्धारित कर दिया।
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कोविड मरीजों की सेहत को देखते हुए गुणवत्तापूर्ण भोजन दिया जा रहा है जिसमें उबले चने के साथ ही दलिया भी शामिल है। भोजन में दाल और हरी सब्जियां दी जा रही हैं, जो मरीजों की सेहत के लिए उचित आहार है।
डॉ. बीएस सोढी, सीएमओ।