सहारनपुर। आज इंटरनेशनल डे ऑफ चैरिटी है। वैसे तो चैरिटी करने वाली बहुत सी संस्थाएं हैं, लेकिन व्यक्तिगत तौर पर अपनी संपत्ति और जमीन दान करने वाले भी कम नहीं हैं, जिन्होंने अपने जीवनभर की गाढ़ी कमाई जनहित के लिए समर्पित कर दी और इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है।
ऐसे ही महान शख्सियत में सबसे ऊपर नाम शामिल है, सहारनपुर के सेठ बलदेवदास बाजोरिया का। इन्होंने सहारनपुर में शिक्षा और चिकित्सा की सुविधाओं की खातिर जो किया, वह अविस्मणीय है। आज जिस जिला अस्पताल में लोग इलाज कराना जाते हैं, वह सेठ बलदेवदास बाजोरिया द्वारा दान दी गई जमीन पर ही बना है। अस्पताल का नाम भी सेठ बलदेव दास बाजोरिया जिला चिकित्सालय है। यह करीब 80 बीघा में बना है, जिसके भीतर जिला महिला चिकित्सालय भी संचालित है। जिला चिकित्सालय का शिलान्यास 1954 में तत्कालीन मुख्यमंत्री पंडित गोविंद वल्लभ पंत ने और उद्घाटन 1959 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डाक्टर संपूर्णानंद ने उद्घाटन किया था। इसके अलावा सेठ बलदेव दास बाजोरिया इंटर कॉलेज की स्थापना 1947 में हुई थी, उसकी जमीन भी दान में दी गई थी।
देहात क्षेत्र में भी हैं ऐसे बहुत से दानवीर
शिक्षा की खातिर कई किलोमीटर दूर जाने वाले बच्चों की पीड़ा को समझते हुए अपनी जमीन पर स्कूल बनवाने वाले दानवीर भी जिले में कम नहीं हैं। सिंचाई विभाग में इंजीनियर रहे गांव कपूरी निवासी चंद्रभान गोयल ने 2003 में सेवानिवृत्ति के बाद नकुड़ में राजकीय इंटर कालेज खोलने के लिए निशुल्क 7.5 बीघा भूमि दान दी। जून-2009 में स्कूल के लिए दानपत्र लिखा था।
कन्या इंटर कॉलेज की खातिर हवेली ही कर दी दान
अंबेहटा। बालिकाओं की शिक्षा के लिए यशवीर कुमार गुप्ता ने अपनी पुरानी हवेली को राजकीय कन्या इंटर कॉलेज और रामलीला भवन तथा पुलिस चौकी के लिए दान कर दिया था। इसके अलावा अंबेहटा के ही घनश्यामदास मित्तल ने सरकारी अस्पताल के लिए और सरदार कश्मीर सिंह तथा सरदार रसपाल सिंह ने आरएसएस के स्कूल के लिए जमीन दान दी।
वहीं, सरसावा में दयाचंद जैन ने करीब 75 वर्ष पूर्व अपनी करीब 10 बीघा जमीन दान करके इंटर कॉलेज की स्थापना कराई। सरसावा में आज भी अंबाला हाइवे किनारे पर दयाचंद जैन इंटर कॉलेज संचालित है।
कोरोना काल में बहुत से दानवीर आगे आए
सहारनपुर। कोरोना काल में जिले के बहुत से दानवीर आगे आए और जरूरतमंदों की मदद की। खाने के पैकेट और राशन तक बांटा गया। वकीलों ने फूड बैंक संचालित किया, जहां से रोजाना 200 से 250 पैकेट खाना वितरित किया गया। सहारनपुर क्लब ने पीपीई किट दान की और खाना भी बांटा। मनीष अरोड़ा ने चपाती बैंक बनाया है, जो लॉकडाउन के अलावा भी जरूरतमंदों को खाना वितरित करते हैं। व्यापारी नेताओं ने पूरे लॉकडाउन में जरूरतमंदों को राशन का वितरण किया। राधा स्वामी सत्संग भवन के मेजर सेंटर से करीब 8000 पैकेट रोजाना वितरित किए गए। जनमंच के पास नागरिक समिति की तरफ से प्रभुजी की रसोई चलाई जा रही है, जिसमें रोजाना कई सौ लोगों को भरपेट खाना वितरित किया जाता है। इसके अलावा भी कई संस्थाओं और अन्य लोगों ने व्यक्तिगत तौर पर समाजसेवा के लिए कार्य किया।
जिला अस्पताल में लगी सेठ बलदेव दास बाजोरिया की प्रतिमा- फोटो : SAHARANPUR