kanpur encounter
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उस मामले में अधिवक्ता नीरज तिवारी ने विकास दुबे की जमानत के लिए पैरवी की थी। पुलिस ने विवेचना पूरी करने के उपरांत अगस्त 2006 में चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी थी। अधिवक्ता नीरज तिवारी ने बताया कि विकास दुबे की जमानत हमने कराई थी, लेकिन उसके बाद मुकदमे में क्या हुआ, पता नहीं। उधर, एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि विकास दुबे पर दर्ज आपराधिक मामले खंगाले जा रहे हैं, रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। आगे पढ़ें: वो एक चूक और...