मुजफ्फराबाद/गागलहेड़ी। मुजफ्फराबाद और गागलहेड़ी में हुए हिंदू सम्मेलनों में सामाजिक चुनौतियों से पार पाने के लिए चिंतन किया गया। वक्ताओं ने सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों की मजबूती पर जोर दिया। इसके लिए युवा पीढ़ी से आगे आने का आह्वान किया गया।
मुजफ्फराबाद में सम्मेलन से पहले ग्रामीणों ने कस्बे का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। मुख्य वक्ता स्वामी रामेश्वरानंद ने कहा कि भगवान राम के प्रति देशवासियों की गहरी श्रद्धा है और राम केवल आस्था के प्रतीक नहीं, बल्कि मर्यादा और आदर्श जीवन के प्रेरणास्रोत हैं। देश को स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए लगभग 90 वर्षों तक लंबा संघर्ष करना पड़ा, लेकिन आज भी सामाजिक चुनौतियां बनी हुई हैं। उन्होंने इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि आजादी के समय देश के तीन हिस्से हो गए, जो हमारे लिए चिंतन का विषय है। धर्म ही मनुष्य को सही मार्ग दिखाता है और राम के आदर्शों पर चलने वाला व्यक्ति ही समाज के लिए उपयोगी सिद्ध होता है। इस दौरान अनीता, जयभगवान, दर्शन, आनंद, विभोर, अखिलेश, मोनू, प्रियांशु, प्रणव, यशपाल, रीना, मोना, उमा आदि मौजूद रहे।
गागलहेड़ी के भलस्वा मंडल के गांव हसनपुर के श्री शाकंभरी देवी मंदिर पर हुए हिंदू सम्मेलन में विभाग प्रचारक आशुतोष ने कहा कि शताब्दी समारोह सशक्त राष्ट्र को समर्पित है। इससे पहले उन्होंने विभाग सेवा प्रमुख योगेंद्र के साथ दीप जला कर शुभारंभ किया। योगेंद्र ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने 100 वर्ष तक एक मजबूत राष्ट्र बनाने और सनातन धर्म को इकट्ठा करके मां भारती की रक्षा के लिए प्रेरित करने का काम किया है। विभाग संपर्क प्रमुख शिवकुमार तथा स्वामी कृष्णानंद ने कहा कि अपने बच्चों को अपने धर्म तथा अपनी संस्कृति के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें संस्कारवान बनाएं।