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Saharanpur News: बारिश से हिंडन उफान पर, कई गांवों के रास्ते हुए बंद, हाईवे पर जलभराव

Tue, 11 Aug 2026 01:25 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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गांव खुवासपुर में बरसाती नदी के किनारे लगे तटबंध के पास से गुजरता पानी। संवाद - फोटो : 1
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शाकंभरी/बिहारीगढ़(सहारनपुर)। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद हिंडन और शाकंभरी खोल सहित घाड़ की सभी नदियां उफान पर आ गईं। हिंडन में पानी का तेज बहाव होने के कारण करीब 40 गांवों के लोगों का संपर्क जिला और तहसील मुख्यालय से कटा रहा। शाकंभरी में नदी में पानी आने से बाढ़ जैसे हालात हो गए। पानी खिलौनों की दुकान में घुस गया तथा भवन की सीढ़ियों तक पहुंच गया। श्रद्धालुओं को भी भूरादेव पर रोक दिया गया। वहीं, सहारनपुर-विकासनगर हाईवे पर भी पानी भर गया। एसडीएम और तहसीलदार ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
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शिवालिक की पहाड़ियों में रविवार रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी में शाकंभरी खोल (नदी) ने रौद्र रूप धारण कर लिया। रात करीब दो बजे नदी में इस सीजन की अब तक की सबसे तेज बाढ़ आई। माता के भवन के प्रवेशद्वार तक पानी पहुंच गया। मान्यता है कि शिवालिक की बरसाती नदी का जल प्रतिवर्ष मां शाकंभरी के चरणों का स्पर्श करने पहुंचता है। नदी का पानी सिद्धपीठ मंदिर के आसपास नदी किनारे लगी खिलौनों की दुकानों में घुस गया। भारी बारिश का असर मिर्जापुर क्षेत्र की बरसाती नदियों पर भी दिखाई दिया। शाहपुर गाड़ा, पाडली, नौगांवा समेत कई बरसाती नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। वहीं, सहारनपुर-विकासनगर हाईवे पर भी पानी भर गया।
गांव जाटोवाला में निर्माणाधीन स्पोर्ट्स कॉलेज को जाने वाला पुल भी ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना है। गांगरोह नदी पर स्पोर्ट्स कॉलेज को जाने के लिए बने पुल के पाइपों (बंबों) में कचरा फंस जाने से बरसाती पानी का बहाव बाधित हो गया। इसके चलते पानी असगरपुर और महमूदपुर गांवों की तरफ पहुंच गया। स्पोर्ट्स कॉलेज को जाने वाली सीसी सड़क भी पानी के तेज बहाव के कारण बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। असगरपुर के ग्राम प्रधान चौधरी राशिद, चौधरी अनीश, रहीस अंसारी, सद्दाम अंसारी, उस्मान चौधरी, फय्याज, जमशेद चौधरी आदि ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष भी पुल के पाइपों में कचरा फंसने के कारण बरसाती नदी का पानी हाईवे से होकर खेतों तक पहुंच गया था। सूचना मिलते ही एसडीएम विकास पांडे और तहसीलदार विजय कुमार मौके पर पहुंचे और प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। एसडीएम ने बताया कि फसलों में हुए नुकसान का आकलन कराया जा रहा है।
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बिहारीगढ़ क्षेत्र में हिंडन के उफान पर आने से कुरड़ीखेड़ा और नौरंगपुर के बीच आवागमन तीन घंटे तक बंद रहा। नदी के दोनों ओर यात्री और श्रद्धालु घंटों फंसे रहे। करीब 40 गांवों के लोगों का जिला मुख्यालय और तहसील मुख्यालय से संपर्क कटा रहा। जलस्तर कम होने के बाद ही लोग अपने गंतव्यों को जा सके।

बरसात में घंटों घरों में कैद रहे खुवासपुर के ग्रामीण
मिर्जापुर। बारिश का सबसे अधिक खामियाजा घाड़ क्षेत्र के गांव खुवासपुर के ग्रामीणों को भुगतना पड़ा। बरसाती नदी में जलस्तर बढ़ते ही गांव का संपर्क तहसील मुख्यालय से पूरी तरह कट गया और ग्रामीण घंटों तक अपने ही घरों में कैद रहे। ग्रामीणों ने बताया कि करीब दो वर्ष पूर्व बरसात के दौरान आई बाढ़ में गांव को जोड़ने वाला मुख्य सड़क मार्ग पूरी तरह बह गया था। इसके बाद पूर्व ग्राम प्रधान रियाजुल चौधरी ने अपने स्तर से जेसीबी मशीन से मिट्टी डलवाकर कच्चा रास्ता तैयार कराया था, जिससे कुछ समय तक लोगों का आवागमन चलता रहा। बरसाती पानी के तेज बहाव के सामने यह कच्चा मार्ग भी अधिक समय तक टिक नहीं सका और दोबारा क्षतिग्रस्त हो गया।

गांव खुवासपुर में बरसाती नदी के किनारे लगे तटबंध के पास से गुजरता पानी। संवाद- फोटो : 1

गांव खुवासपुर में बरसाती नदी के किनारे लगे तटबंध के पास से गुजरता पानी। संवाद- फोटो : 1

गांव खुवासपुर में बरसाती नदी के किनारे लगे तटबंध के पास से गुजरता पानी। संवाद- फोटो : 1

गांव खुवासपुर में बरसाती नदी के किनारे लगे तटबंध के पास से गुजरता पानी। संवाद- फोटो : 1

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