सहारनपुर। हसनपुर चौक से टेलीफोन एक्सचेंज रोड पर स्थित श्री कृष्णाधाम कॉलोनी में विद्युत लाइन से मकान में करंट उतरने पर जोरदार धमाका हुआ। एक मकान का लिंटर फट गया तो दूसरे मकान की दीवार में दरार आ गई। मकान में मरम्मत कार्य करने में लगे इलेक्ट्रीशियन सहित चार लोग झुलस गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से एक इलेक्ट्रीशियन की हायर सेंटर ले जाते हुए मौत हो गई। परिजनों व ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग करते हुए हंगामा किया।
यह हादसा सोमवार को दोपहर करीब साढ़े 12 बजे हुआ। कोतवाली सदर बाजार क्षेत्र स्थित श्री कृष्णाधाम कॉलोनी में मोनू शर्मा व जगदीश प्रसाद का मकान है। सोमवार को मवीकलां निवासी इलेक्ट्रीशियन फिरोज व सुहेल इनके घर में बिजली लाइन ठीक करने का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान वहां से गुजर रही हाईटेंशन लाइन से एलटी लाइन के संपर्क में आने पर जोरदार ब्लॉस्ट हुआ, जिससे मोनू शर्मा के मकान का लिंटर फट गया और घर में रखे उपकरण भी फुंक गए। यहां तक कि दीवार में लगे इलेक्ट्रिक बोर्ड भी फुंक गए। बराबर वाले मकान की दीवार में भी दरारें आ गईं। हादसे में मोनू, जगदीश प्रसाद, गांव मवीकलां निवासी फिरोज और सुहेल बुरी तरह झुलस गए।
हादसे की सूचना मिलने पर दमकल अधिकारी द्वितीय ऋषभ टीम के साथ मौके पर पहुंच गए और झुलसे हुए लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। ब्लॉस्ट के बाद तुरंत लाइन बंद कराकर मरम्मत कार्य कराया गया है। विद्युत निगम के अधिकारियों को भी घटना से अवगत करा दिया गया है। हालत गंभीर देखते हुए देर शाम चिकित्सकों ने सुहेल को हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजन उसे दिल्ली लेकर जा रहे थे। देवबंद के पास पहुंचने पर सुहेल की मौत हो गई। परिजन शव लेकर गांव में आ गए। सुहेल की मां शाहीन, ग्रामीण फैजान मलिक, सुशील कुमार, राशिद और अन्य ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग करते हंगामा किया। इसी दौरान कोतवाली सदर बाजार पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया।
आस पड़ोस में मच गई अफरातफरी
जब यह हादसा हुआ तो आसपास के लोग अपने घरों में बैठे थे। एकाएक बिजली लाइन से मकान का लिंटर टूटने और ब्लास्ट की आवाज आई, इससे आसपास के लोग भी बेचैन हो गए और बाहर निकल आए। लोगों ने कंट्रोल रूम को कॉल कर बिजली आपूर्ति बंद कराने की मांग की। तब जाकर क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद हुई।
परिवार में सबसे बड़ा था सुहेल, मचा कोहराम
सुहेल के पिता मुकीम की कुछ समय पूर्व मौत हो चुकी है। 17 वर्षीय सुहेल परिवार में सबसे बड़ा था और परिवार बेहद गरीब है। मोनिस और नावेद उसके दो छोटे भाई हैं। सुहेल ही काम कर घर का खर्च चलाता था। उसकी मां भी खेतों में काम करती है। सुहेल की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है।