सहारनपुर। भीषण गर्मी पड़ रही है, जिसमें अधिकतम तापमान 42 और 43 डिग्री सेल्सियस तक चल रहा है। दोपहर के समय लोगों का सड़कों पर निकलना दूभर हो रहा है, क्योंकि धूप में सड़कों से जैसे आग निकल रही है। ऐसी स्थिति में हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। जिला प्रशासन और चिकित्सा विभाग ने हीट स्ट्रोक से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है।
शनिवार को न्यूनतम तापमान 26.5 और अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस रहा। तापमान बीते करीब 15 दिन से 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक ही चल रहा है। आलम यह रहा कि लोग मुंह पर कपड़ा लपेटकर सड़कों पर निकल रहे हैं। दोपहर 12 बजे के बाद हवा लू में बदल रही है। चिकित्सा विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। एसबीडी जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. अनिल वोहरा ने बताया कि गर्मी अधिक पड़ रही है। ओपीडी में आने वाले मरीजों में कई मरीजों को इस तरह की शिकायत है, जिन्हें उपचार के साथ ही सावधानियां भी समझाई जा रही हैं। उनका कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ ही हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में लोगों को बहुत संभलकर रहने की जरूरत है, क्योंकि गर्मी में लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। उन्होंने हीट स्ट्रोक से बचने के लिए विभाग द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करने की सलाह नागरिकों को दी है।
हीट स्ट्रोक के लक्षण
- त्वचा का लाल और शुष्क होना, शरीर का तपना तथा पल्स तेज होना।
- मरीज के व्यवहार मेें परिवर्तन, गफलत में चले जाना।
- सिरदर्द, मचली, थकान और कमजोरी होना तथा चक्कर आना।
- पेशाब नहीं आना या कम मात्रा में आना।
हीट स्ट्रोक से बचने के उपाय
- अधिक से अधिक पानी और अन्य पेय पदार्थों का सेवन करें।
- तेज धूप में निकलने से बचें, अगर तेज धूप में निकलना जरूरी हेै तो निकलते वक्त छाता लेकर निकलें।
- ओआरएस, लस्सी, चावल का पानी, नींबू पानी, छाछ पीएं।
- चाय और कॉफी पीने से परहेज करें।
- बासी भोजन अथवा खुले में बिकने वाला गन्ने/अन्य फलों का रस न पीएं।
हीट स्ट्रोक के उपचार
- मरीज को ठंडी जगह पर रखें।
- मरीज को ठंडी हवा करें तथा उसके शरीर को स्पंज अथवा गीले कपड़े से पोंछें।
- मरीज को ठंडे पानी के टब में लिटाएं या ठंडे पानी की पट्टियां शरीर पर रखें।