सहारनपुर/बेहट। गर्मी दस्तक दे रही हैं, तापमान बढ़ने लगा है और फिर से घाड़ क्षेत्र के लोगों को पेयजल आपूर्ति की चिंता सताने लगी है। वजह ये है कि यहां पर पेयजल आपूर्ति दुरुस्त करने को लेकर ठोस प्रयास नहीं हुए। कई इलाके ऐसे हैं, जहां की आबादी को प्राकृतिक जल स्रोत पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में लोगों को फिर से पेयजल को लेकर चिंता सताने लगी है।
क्षेत्र के करीब 100 गांवों की दो लाख से अधिक की आबादी है, जिसको पेयजल मुहैया कराने के लिए जल निगम द्वारा उठाए गए कदम पर्याप्त नहीं हैं। यहां अनेक क्षेत्रों में भूजल स्तर 300 से 400 फीट नीचे है। गर्मी का मौसम आने पर यहां जलस्तर इससे भी नीचे चला जाता है। ऐसे में हैंडपंप भी जवाब दे जाते हैं। क्षेत्र की आबादी को पेयजल की आपूर्ति कराने के लिए जल निगम की पेयजल परियोजनाएं नाकाफी साबित हो रही हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि पाइपलाइनें करीब चार दशक पुरानी हैं, जो जर्जर हो चुकी हैं। गर्मियों में लो वोल्टेज की वजह से नलकूपों की मोटर फुंकने की वजह से भी जलापूर्ति बाधित होना आम बात है। जब सब व्यवस्थाएं जवाब दे जाती हैं, तक क्षेत्रवासियों को शिवालिक तलहटी से निकलने वाले जल स्रोतों का सहारा लेना पड़ता है। कई गांव ऐसे हैं, जहां नलकूप तो 2007 में बन चुके हैं, मगर ओवर हैड टैंक आज तक नहीं बना है।
इन गांवों में रहती है अधिक समस्या
पेयजल संकट से प्रभावित गांवों में फैजाबाद, रहणा, जानीपुर, मगनपुरा, मायापुर रूपपुर, शेरपुर पेलो, हिंदूवाला, खुवाशपुर, डाडल, रामपुर, बड़कलां, इंद्रपुर तालड़ा, नागल माफी, भूरीवाला, भागूवाला, कोठड़ी ग्राम समूह, फतेहपुर पेलियो, चांडीघेर, मोहंड, सुंदरपुर आदि गांव शामिल हैं।
क्षेत्रवासियों की बात
शाहपुर गाड़ा के पूर्व प्रधान ईनाम चौधरी का कहना है कि कई साल पहले मिर्जापुर स्थित नलकूप से जलापूर्ति होती थी। मगर पाइपलाइन टूटने के बाद विभाग ने उसे ठीक नहीं कराया है। अब सब हैंडपंप के भरोसे हैं, जो गर्मियों में जवाब दे देते हैं।
ताहिर पहलवान ने बताया कि घाड़ क्षेत्र में पेयजल की समस्या बहुत गंभीर है। जब सब योजनाएं जवाब दे देती हैं, तब लोगों को शिवालिक से निकलने वाले प्राकृतिक जल स्रोतों और कुएं का सहारा लेना पड़ता है।
फैजाबाद के ग्राम प्रधान सलीम चौधरी ने बताया कि नलकूप की मोटर छोटी होने की वजह से पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। कई बार शिकायत की जा चुकी है। गर्मियों में फिर पेयजल की समस्या होगी।
बोले जन प्रतिनिधि
विधायक निधि से हैंडपंप लगवाने की व्यवस्था खत्म कर दी गई है, जबकि घाड़ क्षेत्र की जनता को हैंडपंपों की अधिक जरूरत है। मामला विधान सभा में भी उठाया गया है। प्रयास यही है कि क्षेत्र की जनता को पेयजल के लिए भटकना ना पड़े। - नरेश सैनी, कांग्रेस विधायक , बेहट