देवबंद। सरकारी भूमि पर संचालित मदरसों, मस्जिदों और मजारों को धारा 67 के तहत जारी नोटिसों के मामले में बुधवार को सुनवाई एक बार फिर टल गई। तहसीलदार की अनुपस्थिति के कारण अब मामले की सुनवाई 18 सितंबर को तय की गई है।
बुधवार को सभी पक्षों के अधिवक्ता और ग्राम समाज के लेखपाल न्यायालय पहुंचे। हालांकि, तहसीलदार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस कार्यक्रम की तैयारियों से जुड़ी अधिकारियों की बैठक में शामिल होने गए थे। इस कारण सुनवाई नहीं हो सकी। धार्मिक स्थल प्रकरण की पहली सुनवाई 13 जुलाई को प्रस्तावित थी। विभिन्न कारणों से यह सुनवाई आगे बढ़ती रही। इस मामले में पहली बार 14 सितंबर को जिरह हुई थी। उस दौरान पक्षकारों के अधिवक्ता और ग्राम समाज के लेखपाल मौजूद थे।
प्रशासन ने जुलाई माह में कई धार्मिक स्थलों के मुतवल्ली और प्रबंधकों को नोटिस जारी किए थे। इनमें अक्सा मस्जिद ग्राम सोहनचिड़ा के मुतवल्ली अहसान और मदीना मस्जिद ग्राम पंडोली नागल के प्रबंधक रिजवान शामिल हैं। मदरसा दारुस्सलाम ग्राम छलौली के प्रबंधक तौसीफ और अंबेहटा शेखा स्थित मदरसे के मुतवल्ली मुर्तजा को भी नोटिस मिले थे। पहाड़पुर मस्जिद के मुतवल्ली हाफिज गुलबहार और अंबेहटा शेखां मस्जिद के मुतवल्ली मोहतशिम भी नोटिस प्राप्त करने वालों में थे। भूमि स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज तहसीलदार पुष्पांकर देव के न्यायालय में दाखिल किए जा चुके हैं।