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केवल दो दिन होम क्वांटीन होंगे डॉक्टर, पॉजिटिव हुए तो जवाब भी देना होगा

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जिला महिला अस्पताल में सोशल डिस्टेंश का उल्लंघन करतीं महिला रोगी। - फोटो : SAHARANPUR
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केवल दो दिन होम क्वारंटीन रहेंगे स्वास्थ्यकर्मी, पॉजिटिव हुए तो जवाब भी देना होगा
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सहारनपुर। कोविड-19 सेंटरों में पॉजिटिव मरीजों के इलाज में जुटे डॉक्टरों और स्टाफ को अब 14 दिन तक होटलों में क्वारंटीन नहीं किया जाएगा। बल्कि मात्र दो दिन के लिए घर पर क्वारंटीन रहना होगा। तीसरे दिन काम पर लौटना होगा। इतना ही नहीं, यदि पॉजिटिव आता है तो इसके लिए जवाब देना होगा कि सेफ्टी का ध्यान क्यों नहीं रखा था।
जनपद में फतेहपुर सीएचसी, ग्लोकल मेडिकल कॉलेज और राजकीय मेडिकल कॉलेज में कोविड-19 सेंटर बनाए गए हैं, जिनमें अभी तक 253 पॉजिटिव मरीज रह चुके हैं। अभी तक डॉक्टरों और स्टाफ की अनेक टीमें 14-14 दिन की ड्यूटी कोविड-19 सेंटरों में कर चुकी हैं। अब तक नियम यह था कि कोविड-19 में ड्यूटी करने वाले डॉक्टरों और स्टाफ को 14 दिन तक होटलों में क्वारंटीन किया जा रहा था। होटल में रहने और खाने का खर्च विभाग उठा रहा था। सहारनपुर ही में एक-एक टीम पर पांच लाख रुपये तक का खर्च सरकार का आया है। प्रदेश भर में इस पर मोटा पैसा खर्च हुआ, जिसके बाद शासन ने नियम बदल दिया है।
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अब कोविड-19 में ड्यूटी करने के दौरान 14वें दिन डॉक्टरों और स्टाफ का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद डॉक्टरों और स्टाफ को अपने घर पर दो दिन क्वारंटीन रहना होगा। यदि कोरोना रिपोर्ट ठीक आती है तो दो दिन क्वारंटीन के बाद काम पर लौटना होगा। यदि पॉजिटिव आते हैं तो जवाब देना होगा कि कोविड-19 सेंटर में कोरोना से बचने की सावधानियां क्यों नहीं बरतीं। उधर, मात्र दो दिन घर पर क्वारंटीन करने के नियम से डॉक्टर और स्टाफ मायूस है। उनका कहना है कि कोविड-19 में ड्यूटी के दौरान वह संक्रमित हो सकते हैं। ऐसे में घर पर क्वारंटीन किए जाने से परिजनों के संक्रमित होने का खतरा है। इसके अलावा जवाब भी देना होगा, इससे कोरोना योद्धा के रूप में जान पर खेलकर काम कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों में निराशा उत्पन्न होगी।
वर्जन
कोविड-19 सेंटरों में ड्यूटी करने वाली टीमों पर पांच लाख रुपये तक का खर्च आ रहा था, जिसके चलते शासन ने डॉक्टरों और स्टाफ को होम क्वारंटीन करने को कहा है, वह भी केवल दो दिन। यदि कोई व्यक्ति कोविड में ड्यूटी के बाद पॉजिटिव निकलता है तो इसके लिए उसे जवाब देना होगा।
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- डॉ. बीएस सोढ़ी, सीएमओ
महिला अस्पताल में सोशल डिस्टेंसिंग नहीं
सहारनपुर। जिला महिला अस्पताल में सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। बृहस्पतिवार को ओपीडी के बाहर काउंटर पर महिलाओं का जमावड़ा नजर आया। उनके बीच आपाधापी रही। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए अस्पताल की ओर से न तो फर्श पर गोले बनवाए गए हैं, न ही कोई स्टाफ का व्यक्ति तैनात किया है। ऐसे में गर्भवतियों में संक्रमण फैलने का अधिक खतरा है।
सोशल डिस्टेंसिंग नहीं बन पाने की वजह ओपीडी की बिल्डिंग छोटी होना और मरीजों की भीड़ अधिक होना है।
- अनीता जोशी, सीएमएस, महिला अस्पताल
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