राज्य बिजली बोर्ड ने प्रदेश विद्युत नियामक आयोग को 33 फीसदी तक दरें बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा है।
सहारनपुर में भीषण गर्मी के साथ ही बिजली की किल्लत भी लगातार बढ़ रही है। आलम यह है कि देहात क्षेत्र में लोग बिजली के दर्शन तक को तरस रहे हैं, जबकि शहरी क्षेत्र में अघोषित कट ने लोगों के पसीने छुड़ाए हुए हैं। ऐसी हालत में लोग गर्मी में बिलबिला रहे हैं।
शासन की ओर से शहरी क्षेत्र को 18 घंटे, तहसील स्तर पर 14 घंटे और कस्बा क्षेत्र में कम से कम दस घंटे बिजली आपूर्ति के आदेश हैं। मगर, शासन की यह व्यवस्था सहारनपुर में महज मजाक बनकर रह गई है।
शहरी क्षेत्र की बात करें तो बिजली बेशक 18 घंटे मिल रही हो, मगर उसमें करीब 18 ही कट हैं, जो अघोषित हैं। बार-बार बिजली जाने की वजह से उपभोक्ता परेशान हैं। रात में कई-कई घंटे बिजली गायब रहने से लोगों के इनवर्टर जवाब दे रहे हैं।
कई कॉलोनियों में सुबह के समय बिजली न आने से पानी की समस्या भी बन रही है। तहसील स्तर पर उपभोक्ताओं को आठ से दस तथा कस्बा स्तर पर पांच से छह घंटे ही बिजली दी जा रही है।
उधर, मुख्य अभियंता आरके सिंह ने बताया कि शहर के ज्यादातर बिजलीघरों की क्षमता बढ़ा दी गई है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में बिजली से जुड़ी खामियां दूर होंगी।
करीब छह महीने से बिजलीघरों की क्षमता बढ़ाने के साथ ही जर्जर खंभों और तारों को बदला जा रहा है। तार बदलने के दौरान कई-कई दिन बिजली नहीं आती है।
जनपद के अनेक क्षेत्रों में लो वोल्टेज की समस्या भी बनी हुई है। बेहट रोड स्थित हकीमपुरा फीडर से जुड़ी कॉलोनियों और गांवों में 100 वोल्टेज तक आती है। ऐसे में लोगों के पंखे और कूलर नहीं चल पाते। साथ ही बिजली भी कम आती है।