गंगोह क्षेत्र में यूपी हरियाणा सीमा पर बहने वाली यमुना नदी
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हरियाणा-यूपी के किसानों में जमीन के विवाद में संघर्ष, दो घायल
गंगोह (सहारनपुर)। हरियाणा और यूपी के किसानों के बीच जमीन को लेकर मंगलवार को मारपीट हो गई, जिसमें दो किसान घायल हो गए। पुलिस को देखकर हरियाणा के किसान ट्रैक्टर छोड़कर भाग गए।
गंगोह कोतवाली क्षेत्र के यमुना खादर में बरसात में यमुना नदी में जोत की भूमि का कटाव होता है। इसके चलते यूपी और हरियाणा के किसानों के बीच कई वर्षों से संघर्ष की स्थिति है। गंगोह क्षेत्र के गांव उमरपुर निवासी मामचंद की जमीन हरियाणा के गांव शेरगढ़ टापू में बताई जाती है। शेरगढ़ टापू के किसानों की जमीन यूपी सीमा से सटी हुई है। आरोप है कि हरियाणा के किसानों ने उक्त जमीन को अपनी बताकर जुताई शुरू कर दी। यूपी के गांव उमरपुर निवासी किसानों ने इसका विरोध कर दिया। दोनों पक्षों की ओर से लाठी-डंडे चल गए। सूचना पर पुलिस पहुंची, तो हरियाणा के किसान ट्रैक्टर और टीलर छोड़कर भाग गए। पुलिस ट्रैक्टर और टीलर को कब्जे में लेकर कोतवाली ले आई। संघर्ष में घायल अमित को गंगोह पीएचसी में भर्ती कराया गया, जबकि हरियाणा के किसान संजीव को करनाल में किसी सरकारी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गांव उमरपुर निवासी किसान अमित ने छह लोगों के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है। एसडीएम नकुड़ पूरण सिंह राणा का कहना है कि इस गांव का विवाद पूर्ण रूप से समाप्त हो चुका है। इसका रिकॉर्ड बनाया जा रहा है। यदि किसी को समस्या है तो पैमाइश कराकर मामले का स्थायी समाधान किया जाएगा।
सर्वे विभाग आज तक नहीं निपटा सका सीमा विवाद
गंगोह। यमुना नदी के सीमा विवाद को निपटाने के लिए 1978 में दीक्षित अवार्ड का गठन किया गया। इसमें यमुना नदी में खंभे भी लगाए गए। सर्वे विभाग को सीमा विवाद निपटाने की जिम्मेदारी दी, लेकिन 41 वर्ष बाद भी यह विभाग एक भी गांव का विवाद नहीं निपटा सका है। इसके चलते हरियाणा-यूपी सीमा विवाद की फाइलें बार-बार इधर से उधर होती रहती हैं, लेकिन आज तक किसानों का सीमा विवाद प्रशासन नहीं निपटा पाया। इसी का नतीजा है कि आए दिन संघर्ष हो रहे हैं।
जा चुकी हैं कई जानें
बरसात में नदी से भूमि का कटाव होता है। जमीन के विवाद में पिछले कई वर्षों में कई किसानों की जानें चली गईं। यूपी और हरियाणा में एक दूसरे के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं, लेकिन इसके बाद भी दोनों राज्यों के अधिकारी और प्रशासन समाधान नहीं ढूंढ सके।