सहारनपुर। निर्माण कार्य कराने में ठेकेदारों की मनमानी सहारनपुर जिले में सामने आ चुकी है। जिला पंचायत से ऐसी ही मनमानी करते हुए 18 निर्माण कराए गए। निरीक्षण में गोलमाल उजागर हुआ तो शासन तक रिपोर्ट गई और भुगतान पर रोक लग गई।
दरअसल, जिला पंचायत की तरफ से राज्य वित्त के तहत खड़ंजा और सीसी रोड निर्माण कराने के लिए राज्य वित्त से होने वाले 451 कार्यों के टेंडर जून माह में खोले गए थे। जिला पंचायत की अपर मुख्याधिकारी डॉ. सुमनलता ने 16 और 17 जुलाई को स्थलीय निरीक्षण किया गया, जिसमें पता चला कि 18 कार्य ऐसे हैं, जिनका टेंडर खुलने के बाद कार्यादेश जारी नहीं हुआ था और अनुबंध भी नहीं हुआ था। बावजूद ठेकेदारों ने निर्माण कार्य करा दिया, जबकि टेंडर होने के बाद अनुबंध होना और कार्यादेश जारी होना अनिवार्य होता है। निरीक्षण के दौरान इन कार्यों की गुणवत्ता भी ठीक नहीं पाई गई थी। इस संबंध में 20 जुलाई को अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह को जिला पंचायत की तरफ से आख्या भेजी गई, जिसके चलते कार्यादेश और अनुबंध के बगैर कराए गए कार्यों का भुगतान नहीं करने का आदेश दिया गया था। इन सभी कार्यों में खड़ंजा और सीसी निर्माण कराया गया था और सभी कार्य 10 लाख रुपये से कम के थे। बाद में इस मामले में जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित समिति ने भी उक्त कार्यों के संबंध में तकनीकी जांच की थी। जांच रिपोर्ट पूरी होने पर शासन को रिपोर्ट भेजी गई। हालांकि अभी इन कार्यों का भुगतान नहीं हुआ है।
जल्दबाजी के पीछे है गोलमाल का खेल
निर्माण कार्यों को मनमाने ढंग से करने के पीछे गोलमाल का खेल चल रहा है। यदि कार्यादेश जारी होता है और अनुबंध होता है तो निर्माण शुरू करने के दौरान संबंधित विभाग के इंजीनियर को भी मौके रखा जाता है, साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता का भी ख्याल रखना अहम होता है, लेकिन इंजीनियर को मौके पर बुलाए बगैर ही कार्य कर दिया जाता है।