गागलहेड़ी (सहारनपुर)। लोकसभा चुनाव की सरगर्मियां चरम पर है। राजनीतिक दलों के नेता फिर से शहर से लेकर गांव तक दौड़ लगाते हुए मतदाताओं से लोक लुभावने वादे कर विकास के सपने दिखाएंगे। जबकि जमीनी हकीकत इससे इतर है। सहारनपुर लोकसभा सीट की बात करें तो बसपा सांसद हाजी फजलुर्रहमान के गाेद लिए गांव हरोड़ा में समस्याओं की भरमार है। ग्रामीणों का कहना है कि दो साल पहले जब यह गांव गोद लिया था तो आस जगी थी कि अब गांव की काया पलट हो जाएगी, लेकिन उनके गांव को गोद लेकर लावारिस छोड़ दिया गया।
दरअसल, बसपा सांसद ने नौ जनवरी 2022 को हरोड़ा गांव को गोद लिया गया था। इस दौरान सभी विभागों के अधिकारियों ने सांसद की मौजूदगी में हरोड़ा के पंचायत भवन में ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं थीं। ग्रामीणों ने गांव के जर्जर तार, ट्रांसफार्मर के चारों तरफ जाल, पांच साल से तैयार रखी टंकी से पेयजल सप्लाई, पाइप लाइन बिछाने से टूटी सड़कों की मरम्मत के मुद्दे जोरशोर से उठाए थे। अफसरों ने तीन माह में इनके निराकरण का भरोसा दिलाया था, लेकिन अब तक न तो पानी मिला और न ही सड़कों की दशा सुधर सकी। गांव की सफाई व्यवस्था बदहाल है। पानी निकासी नहीं होने के कारण हल्की बारिश में जलभराव की स्थिति रहती है। (संवाद)
- यह बोले ग्रामीण
- प्रधान सुलेमान मलिक ने बताया कि गांव में जो भी विकास कार्य कराए गए हैं, वे सब ग्राम पंचायत निधि से कराए हैं। सांसद की तरफ से गांव के विकास कार्य में कोई रुपया नहीं लगाया गया।
- गांव निवासी खलील सलमानी का कहना है कि गांव में जलभराव, जर्जर तारों की बहुत बड़ी समस्या है, लेकिन गांव गोद लेकर शायद सांसद उन्हें भूल गए। इस वजह से किसी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
- अनुराग सैनी ने बताया कि गांव को गोद लिए दो साल का अरसा हो गया, लेकिन कभी गांव में ग्रामीणों की सुध नहीं ली। गांव में मीट फैक्टरी है, जो सिर्फ गंदगी देने का काम कर रही है।
- प्रदीप मित्तल ने बताया कि सांसद के गांव को गोद लेने के वक्त विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने आकर समस्याओं के निराकरण के आश्वासन किए थे, लेकिन बाद में कोई लौट कर नहीं आया।
यह बोले सांसद
यह योजना प्रधानमंत्री द्वारा चलाई जा रही है। इस योजना में जो भी निधि आती है वह केंद्र सरकार से आती है। सांसद का काम गांव चिह्नित कर नाम भेजना होता है। इस योजना में सांसद निधि का प्रयोग नहीं होता। फिर भी जल्द ही संबंधित विभागों के अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। - हाजी फजलुर्रहमान, सांसद