सहारनपुर। दूसरे चरण के लिए सोमवार को हुए मतदान में आधी आबादी यानी महिलाओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। शहर से लेकर देहात तक के बूथों पर महिलाओं की कतारें लगी नजर आईं। सारे काम छोड़ दो, सबसे पहले वोट दो के नारे पर अमल करते हुए महिलाओं ने पहले वोट डाला और उसके बाद घर और बाहर के अन्य काज निपटाए। शहरी महिलाओं के साथ ही ग्रामीण महिलाओं ने भी अपने मत के महत्व को बखूबी समझते हुए पहले मतदान किया और उसके बाद खेतों में काम करने के लिए निकलीं। पहली बार वोट डाल रहीं युवतियों से लेकर 90 साल की आयु तक पार कर चुकी महिलाएं भी बूथों पर वोट डालती नजर आईं, जिनमें कई बीमार महिलाएं भी थीं, जिनको स्ट्रेचर, व्हील चेयर और अन्य साधनों से बूथों तक लाया गया पेश है रिपोर्ट...
महिलाओं को सुरक्षा देने वाले को दिया वोट
नकुड़ स्थित केएलजी मेमोरियल इंटर कॉलेज में वोट डालने पहुंचीं पूनम का कहना था कि जो पार्टी महिलाओं के लिए बेहतर काम कर सकती है और किया है। उन्होंने ऐसी पार्टी के प्रत्याशी को वोट किया है। उनका कहना है कि समाज में महिलाओं को केवल घर तक सीमित रखने की मानसिकता से लोगों को बाहर आना होगा।
विकास और रोजगार जरूरी
नकुड़ निवासी अर्चना सिंघल ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी चरम पर है। सरकारों को युवाओं को रोजगार देने के बारे में सोचना चाहिए। यदि किसी को रोजगार मिलता है तो न केवल उस व्यक्ति का विकास होता है, बल्कि उसके परिवार का विकास होता है और परिवार से ही समाज और देश बनता है।
अपराध मुक्त हो समाज
गंगोह निवासी पिंकी सैनी ने बताया कि वह ऐसे दल के प्रत्याशी के लिए वोट करके आई हैं, जो समाज से अपराध और गुंडागर्दी खत्म करे। उनकी मांग है कि समाज में इस तरह का वातावरण बने, जिसमें पुरुषों के साथ ही महिलाएं और बेटियां दिन के साथ ही रात में भी अकेले घर से निकल सकें।
महंगाई पर लगे रोक
गंगोह में खंड विकास अधिकारी कार्यालय परिसर में वोट डालने पहुंची सुषमा का कहना था कि महंगाई चरम पर है। रसोई का बजट बिगड़ा हुआ है। पढ़ाई और इलाज बेहद महंगे हैं, जो आम आदमी की पहुंच से दूर होते जा रहे हैं। राजनीतिक दलों को सत्ता में आने के बाद महंगाई कम करने पर ध्यान देना चाहिए।
वोट डालने के बाद खेतों में काम पर पहुंचीं महिलाएं
नकुड़ क्षेत्र के गांव साल्हापुर में मुख्य सड़क से करीब 200 मीटर दूर स्थित खेत में गोभी की फसल की निराई करती मिलीं महिलाओं से बात की गई। करीब 15 से 20 महिलाएं थीं जो निराई कर रही थीं। इनमें कई युवतियां भी शामिल रहीं। उन्होंने बताया कि वह सभी गांव साल्हापुर की रहने वाली हैं। चूंकि गोभी की फसल की निराई भी जरूरी है। ऐसे में उन्होंने सबसे पहले सुबह 7:30 बजे अपने पोलिंग स्टेशन पर जाकर वोट किया। उसके बाद खेत में काम करने के लिए आई हैं।
69 संवासिनियों ने भी किया मतदान
मतदान में संवासिनियों ने भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हुए अपने मताधिकार का प्रयोग किया। महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित राजकीय पश्चातवर्ती देखरेख संगठन (महिला) फतेहपुर में निवासरत 61 संवासिनियों ने उच्च प्राथमिक विद्यालय फतेहपुर भादो के मतदान केंद्र पर मतदान किया। इसके अलावा स्वैच्छिक संगठन ऑल इंडिया वूमेन कांफ्रेंस न्यू भगत सिंह कॉलोनी द्वारा संचालित स्वधार गृह की 08 संवासिनियों द्वारा अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग के मतदान केंद्र पर पहली बार मतदान किया।
बुुजुर्ग महिलाओं ने भी समझा मत का महत्व
पोलिंग बूथों पर 90 से 100 वर्ष तक की महिलाएं भी मतदान करने के लिए पहुंचीं। खेमका सदन में 93 वर्ष की प्रकाशवती और 85 वर्ष की राजकुमारी वोट डालने पहुंची। राजकुमारी अपने पौत्र के साथ स्कूटी पर पहुंची थी। इसी प्रकार देहात के अगवानहेड़ा में 100 वर्ष की फुल्लो अपने पौत्र की साइकिल पर बैठकर मतदान करने पहुंची।
स्ट्रेचर पर वोट डालने पहुंची महिला
शहर के एसएएम इंटर कॉलेज में बने पोलिंग बूथ पर 70 वर्षीय महिला नरेश चौहान को एंबुलेंस के जरिए वोट डालने के लिए लाया गया। उन्हें एंबुलेंस से स्ट्रेचर पर लिटाकर पोलिंग बूथ के भीतर ले जाया गया। उनके पुत्र पार्षद पुनीत चौहान ने बताया कि उनकी माता बीमारी के चलते कई साल से बेड पर हैं। जिन्होंने बीमार होने के बावजूद वोट डालने की इच्छा जताई। ऐसे में वह उन्हें वोट डालने के लिए बूथ पर लेकर पहुंचे।
सरसावा के डीसी जैन इंटर कॉलेज में मतदान करने जाती महिलाऐं- फोटो : SAHARANPUR
सरसावा के डीसी जैन इंटर कॉलेज में मतदान के लिये लगी महिलाओ की लंबी लाइन- फोटो : SAHARANPUR
अंबाला रोड़ पर गुरू नानक इंटर कॉलेज में वोट डालने पहुंची महिलाएं- फोटो : SAHARANPUR
खेमका सदन में अपनी मॉ के साथ वोट डालने पहुंची त्रिशु- फोटो : SAHARANPUR
देवबंद में पोलिंग बूथ पर वोट डालने पहुंची मतदान करने को लेकर उत्साहित महिलाएं- फोटो : DEVBAND