सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में स्टॉक ब्लड जमा कराने के लिए तीन निजी केंद्र संचालक आगे आए हैं, जबकि तीन अभी भी चुप्पी साधे हुए हैं। अभी ब्लड स्टॉक पर आधी तस्वीर ही साफ हुई है। देरी होने से हर दिन ब्लड का कम होता जा रहा है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की अंतरजनदीय टीम ने दो अप्रैल को कमियां मिलने पर छह ब्लड बैंक बंद किए थे। इनमें श्रीबाला जी चैरिटेबल, सुधार जन कल्याण देवबंद, रिद्धि चैरिटेबल, शहीद भगत सिंह, सिद्धि चैरिटेबल और जीवन धारा चैरिटेबल ब्लड केंद्र शामिल थे। इन सभी पर भारी अनियमितता पाई गई थी। ब्लड का रिकॉर्ड तक पूरा नहीं था। खून बर्बाद न हो, इसके लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने विभाग को आदेश थे कि बंद किए गए ब्लड बैंकों से खून को जिला अस्पताल में जमा कराया जाए। इसी कड़ी में सोमवार को श्रीबालाजी चैरिटेबल, रिद्धि चैरिटेबल ब्लड और शहीद भगत सिंह चैरिटेबल ब्लड केंद्र गंगोह के संचालक जिला अस्पताल के ब्लड में पहुंचे और स्टॉक रिकॉर्ड के बारे में जानकारी की। हालांकि, अभी तक किसी भी ब्लड बैंक ने ब्लड जमा नहीं किया है।
तीन ब्लड बैंकों ने मंगलवार को ब्लड देने की बात कही है, जबकि सिद्धि चैरिटेबल, सुधार जन कल्याण देवबंद, जीवन धारा चैरिटेबल ब्लड केंद्र की तरफ से कोई रिकॉर्ड नहीं दिया गया। अब जैसे-जैसे दिन बीतते जा रहे हैं, वैसे-वैसे ब्लड की एक्सपायरी भी बढ़ रही है। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में नए सिरे से ब्लड की जांच होगी। इसमें काफी समय लगेगा।