सहारनपुर। कोरोना संक्रमण और अन्य बीमारियों से मरने वालों की संख्या में इजाफा होने के साथ ही श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के लिए भी वेटिंग हो गई। शुक्रवार को अंबाला रोड स्थित श्मशान घाट पर कुल 26 शवों का अंतिम संस्कार हुआ, जिनमें से 14 शव कोरोना संक्रमण के कारण मरने वालों के थे।
अंबाला रोड स्थित श्मशान घाट पर सुबह से ही शवों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। दोपहर में यह स्थिति हो गई कि कई शव पहुंच गए। इस कारण कुछ शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए तो इंतजार तक करना पड़ा। क्योंकि श्मशान घाट परिसर में बने सभी चबूतरों पर दाह संस्कार हो रहा था। इस श्मशान घाट प्रबंध समिति के प्रधान राजन अग्रवाल ने बताया कि शुक्रवार को कुल 26 अंतिम संस्कार हुए। अब तक की यह सबसे बड़ी संख्या है। उन्होंने बताया कि कुछ अंतिम संस्कार ऐसे शवों के भी कराए गए, जिनकी मौत चंडीगढ़ अथवा गौतमबुद्धनगर में हुई। इन शवों को लाने वाले परिजनों का कहना था कि शव को रात में ही एंबुलेंस से सहारनपुर ले आए थे। क्योंकि वह यहीं के रहने वाले थे। उन्होंने बताया कि शनिवार से यहां ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी कि पर्ची देखकर ही शव वाहन को अंदर प्रवेश दिया जाएगा। क्योंकि बीच में बगैर पर्ची वालों के पहुंचने से दिक्कत होती है।
उधर, हकीकतनगर और नुमाइश कैंप स्थित श्मशान घाट पर भी शुक्रवार को अंतिम संस्कार की यही स्थिति रही।