सहारनपुर। सीबीएसई का दसवीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम मंगलवार को जारी हुआ। दसवीं में एथेनिया हाईस्कूल के गुरमन सिंह गुजराल तथा 12वीं में नवाज गर्ल्स पब्लिक स्कूल की वलिया उस्मानी ने जिला टॉप किया।
दसवीं में एथेनिया हाईस्कूल के गुरमन सिंह गुजराल ने 99.4 फीसदी अंक प्राप्त किए। गुरमन सिंह ने अंग्रेजी-99, संस्कृत-100, गणित-100, विज्ञान-100, सामाजिक विज्ञान-98 पाए। जनपद में दूसरे नंबर पर संयुक्त रूप से पाइनवुड स्कूल की इशिता अरोड़ा और इशिका मदान रही। दोनों ने एक समान 99 फीसदी अंक प्राप्त किए, जबकि तीसरे नंबर पर देवबंद की मेपल्स एकेडमी के मानव त्यागी रहे। उन्होंने 98.8 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं। उधर, 12वीं में देवबंद के नवाज गर्ल्स पब्लिक स्कूल की वलिया उस्मानी ने जिला टॉप किया है। उन्होंने 99.2 फीसदी अंक पाए हैं। विषयवार बात करें तो उन्होंने अंग्रेजी-99, हिंदी-99, इतिहास-98, राजनीति विज्ञान-100, शारीरिक शिक्षा 98, पेंटिंग-100 अंक प्राप्त किए हैं।
जिले में दूसरे नंबर पर मेपल्स एकेडमी देवबंद की अनुष्का गोयल रही हैं, जिन्होंने 99 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं, जबकि तीसरे नंबर पर आशा मॉडर्न स्कूल चंद्रनगर सहारनपुर के ध्रुव मित्तल रहे हैं, जिन्होंने 98.2 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं। टॉपर्स-3 से संबंधित स्कूलों में जश्न का माहौल रहा। स्कूलों की ओर से टॉपर्स का मुंह मीठा कराते हुए खुशी का इजहार किया गया।
15 घंटे की पढ़ाई, मोबाइल से बनाई दूरी, बन गई जिला टॉपर
देवबंद। 12वीं में जिला टॉप करने वाली नवाज गर्ल्स पब्लिक स्कूल की वलिया उस्मानी का सपना आईएएस अधिकारी बनकर देश और समाज की सेवा करना है। वलिया के पिता अब्दुल रशीद महर्षि चरक पैरामेडिकल कॉलेज के प्राचार्य हैं, जबकि मां सीमा सैयद गृहिणी हैं। वलिया ने बताया कि वह नियमित रूप से पढ़ती रही है, लेकिन परीक्षा के दौरान उसने 12 से 15 घंटे तक पढ़ाई की। मोबाइल से दूरी बनाकर रखी। पेंटिंग करना, ज्ञानवर्धक किताबें पढ़ना और बैडमिंटन खेलना उसके शौक है। वह आईएएस अधिकारी बनना चाहती हैं, जिसके लिए खुद को अभी से तैयार कर रही हैं। पिता अब्दुर रशीद ने बताया कि वलिया शर्मीले स्वभाव की है। वलिया की बड़ी बहन सादिया ने भी 12 में 98 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। वलिया से छोटी आलिया रशीद ने दसवीं में 97.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं।
अनुष्का गोयल को बनना है सीए
देवबंद। 12वीं में जिले की सेकेंड टॉपर मेपल्स एकेडमी की अनुष्का गोयल गोयल के पिता मनीष गोयल किरयाना व्यापारी हैं। उनकी शिव चौक पर दुकान है, जबकि मां गीतिका गोयल गृहिणी हैं। मनीष गोयल ने बताया कि उनके दो बच्चे हैं। बड़ा बेटा वंश गोयल दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए इकोनॉमिक्स की पढ़ाई कर रहा है। अनुष्का ने बताया कि उसने चार्ट बनाकर प्रतिदिन पांच से छह घंटे पढ़ाई की। पेंटिंग करना और बैडमिंटन खेलना उसका भी शौक है। उसका सपना सीए बनना है, जिसकी तैयारी में वह जुटी है। अनुष्का ने अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों व माता पिता को दिया है।
शिक्षकों की बात को माना और किया स्कूल टॉप
12वीं में जिले में तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले आशा मॉडर्न स्कूल चंद्रनगर के ध्रुव मित्तल के पिता अनूप मित्तल बिजनेस करते हैं, जबकि मां रुचि मित्तल गृहिणी हैं। ध्रुव ने बताया कि वह कक्षा में शत-प्रतिशत उपस्थित रहते थे। शिक्षक जो भी कक्षा में पढ़ाते थे उसको पूरे ध्यान के साथ सुनते थे और कक्षा से घर लौटने के बाद उसको दोहराते थे। इसके बाद कोचिंग जाते थे और रात में फिर पढ़ते थे। इस प्रकार करीब आठ से दस घंटे पढ़े। उनका सपना सीए बनना है।
पूरे ध्यान के साथ की तैयारी, तब बने टॉपर
सहारनपुर। दसवीं में जिला टॉपर एथेनिया हाईस्कूल के गुरमन सिंह गुजराल ने 99.4 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं। गुरमन सिंह के पिता हरसिमरन सिंह गुजराल बिजनेस करते हैं, जबकि मां रमनदीप कौर गृहिणी हैं। गुरमन सिंह ने बताया कि टॉपर एक या दो महीने की तैयारी से नहीं बना जाता। उसने सालभर नियमित रूप से पढ़ाई की। परीक्षा के दौरान आठ से दस घंटे पढ़े। परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया पर समय खराब नहीं किया। मोबाइल का इस्तेमाल अपनी पढ़ाई के लिए किया। गुरमन सिंह का कहना है कि पढ़ाई के लिए घंटे मायने नहीं रखते, बल्कि यह मायने रखता है कि आपने कितने मन से पढ़ा।
आठ से दस घंटे पढ़ी इशिका मदान
स्कूल में पहले और संयुक्त रूप से जिले में दूसरे स्थान पर रहीं इशिका मदान नुमाइश कैंप की रहने वाली हैं। उनके पिता अनिल मदान बिजनेस करते हैं। मां सपना मदान गृहिणी हैं। इशिका को इंजीनियर बनना है। इशिका ने बताया कि वह प्रतिदिन का कार्य प्रतिदिन निपटाती थीं। कभी भी पढ़ाई में काम अधूरा नहीं रखा। हमेशा शिक्षकों की बात को माना और पढ़ाई करती चली गईं। इशिका को यह उम्मीद थी कि वह स्कूल टॉप करेंगी, लेकिन यह नहीं पता था कि वह जनपद में दूसरा स्थान पा लेंगी।
डॉक्टर की बेटी ने किया स्कूल टॉप
दसवीं में संयुक्त रूप से दूसरा स्थान पाने वाली इशिता कालरा के पिता रमेश कालरा पैथोलॉजिस्ट हैं, जबकि मां भारती कालरा डॉक्टर हैं। इशिता की बड़ी बहन हर्षिता ने भी पाइनवुड से पढ़ते हुए दसवीं में 99 फीसदी अंक प्राप्त किए थे और वह भी स्कूल टॉपर थी। इशिता ने अभी तय नहीं किया है कि उसे क्या बनना है। उसका फोकस अभी आगे की पढ़ाई पर है। बेटी के स्कूल टॉप करने और जनपद में दूसरा स्थान प्राप्त करने से माता-पिता गदगद हैं।