संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। आयकर अधिनियम की धारा बी में किए गए संशोधन को वापस लेने की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को ज्ञापन भेजा। उन्होंने इसे जल्दबाजी में लिए गया निर्णय करार दिया।
केंद्रीय वित्तमंत्री को ई-मेल से भेजे ज्ञापन में उन्होंने कहा कि आयकर अधिनियम 43 बी में संशोधन किया गया है। इसमें एमएसएमई से जुड़ी इकाईयों को अधिकतम 15 दिनों के अंदर भुगतान करने की व्यवस्था अनिवार्य की गई है, जो जल्दबाजी में लिया गया अपरिपक्व निर्णय है। इसका किसी भी परिस्थिति में पालन करना संभव नहीं होगा। उन्हाेंने कहा कि सूक्ष्म इकाइयों को अपने माल को बेचने के लिए बड़ी-बड़ी इकाइयों से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ती।
अनुबंध होने की स्थिति में 45 दिनों में भुगतान पूर्ण न होने पर वर्ष के अंत में जो राशि देय रह जाएगी, वह उस वित्तीय वर्ष की आय में जोड़कर आयकर की गणना की जाएगी। इससे व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ जाएगा। इन शर्तों को पूरा करना असंभव है। देश के व्यापारियों की पहले ही जीएसटी व अन्य विभागों से संबंधित अनेक समस्याएं हैं। जिलाध्यक्ष शीतल टंडन, रमेश अरोड़ा, कर्नल संजय मिडढा, मेजर एसके सूरी आदि रहे।