सरसावा में पत्रकारों से बात करते चौ राकेश टिकैत
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सरसावा(सहारनपुर)। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि वे लेह, लद्दाख, कश्मीर और हिमाचल आदि पर्वतीय क्षेत्रों का दौरा कर लौटे हैं। उन्होंने बताया कि इस समय वहां मक्के की फसल हो रही है। सरकार यदि किसानों की हालत सुधारना चाहती है, तो वहां के किसानों को अपनी फसल को पर्वतीय क्षेत्रों से मैदानी क्षेत्रों तक लाने के लिए परिवहन पर सब्सिडी दे।
शुक्रवार रात्रि करीब साढ़े आठ बजे हाईवे पर स्थित एक ढाबे पर पत्रकारों से बातचीत में राकेश टिकैत ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र के किसानों की हालात का जायजा लेने के बाद वे एक रिपोर्ट तैयार कर केंद्र सरकार को सौंपेंगे। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों के किसान अपनी फसल को मैदानी क्षेत्रों तक लाने के लिए परिवहन पर काफी पैसा खर्च करते हैं, जिससे उनकी लागत ज्यादा तथा आमदनी कम होती है सरकार यदि वास्तविकता में किसानों का भला चाहती है तो पर्वतीय क्षेत्र के किसानों को परिवहन पर सब्सिडी दे। राकेश टिकैत ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की भी मांग की। राकेश टिकैत ने कहा कि किसान के लिए केवल खेती मुद्दा नहीं है, बल्कि महंगी बिजली भी किसान का महत्वपूर्ण मुद्दा है। उत्तर प्रदेश में बिजली का दाम सबसे ज्यादा है। किसान की कमाई बिजली में होम हो रही है। राकेश टिकैत ने ये भी कहा कि जल्दी एमएसपी कानून बनाने के लिए कुछ लोगों के नाम सरकार के सामने प्रस्तुत किए जाएंगे। एमएसपी कानून पर राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार किसानों की ताकत को समझने में भूल कर रही है। नूपुर शर्मा के मुद्दे पर राकेश टिकैत ने कहा कि किसी को भी किसी भी धर्म के प्रति अपशब्द बोलने का अधिकार नहीं है। भारत एक स्वस्थ लोकतांत्रिक देश है, जहां संविधान में सब को अपने रीति रिवाज तथा धर्म के अनुसार पूजा अर्चना का अधिकार है। राकेश टिकैत ने कहा कि केंद्र सरकार को चाहिए कि किसानों को आर्थिक सहायता पहुंचाने के लिए तेलंगाना राज्य की तर्ज पर प्रति एकड़ 10 हजार रुपये किसानों के खाते में पहुंचाए। करीब आधा घंटा ढाबे पर रुकने के पश्चात राकेश टिकैत मुजफ्फरनगर की ओर रवाना हो गए।
इस अवसर पर राजवीर प्रधान, जिला महासचिव अशोक कुमार, युवा प्रदेश महासचिव मेवाराम, युवा प्रदेश अध्यक्ष अनुज कुमार, बिल्लू चौधरी, रुपिंदर सिंह, जगतार सिंह आदि रहे।