सहारनपुर। नगर निकायों में कचरा जलाए जाने से शासन नाराज है। नगरायुक्तों और अधिशासी अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग करने के साथ ही शासन ने पत्र भेजा है, जिसमें कूड़ा जलता मिलने पर संबंधित नगरायुक्त या अधिशासी अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
नगर निगम सहारनपुर में कूड़ा जलाने की घटनाएं समय-समय पर होती रही हैं। बीते दिनों अमर उजाला ने कलक्ट्रेट परिसर में ही प्लास्टिक और कचरा जलाने की खबर प्रकाशित की थी। शकलापुरी मार्ग पर सूखी पड़ी कंपनी नहर में लंबे समय से कचरा डाला जा रहा है, जिसे कई बार जलाया जा चुका है। इसके अलावा बाजारों में अनेक व्यापारी दुकानों की सफाई कर कचरे को सड़कों पर रखकर जलाते हैं। नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों में भी ऐसे ही हालात हैं।
शासन भी इससे अच्छी तरह वाकिफ है। यही वजह है कि स्वच्छ भारत मिशन के राज्य मिशन निदेशक/सचिव अनुराग यादव ने चेतावनी भरा पत्र लिखा है। सचिव ने कचरा जलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के आदेश नगरायुक्तों और अधिशासी अधिकारियों को दिए हैं। कचरा जलाने वाले व्यक्ति पर कठोर कार्रवाई करने की बात पत्र में कही गई है। कचरा जलाने की घटनाओं पर रोक नहीं लगने की स्थिति में संबंधित नगरायुक्त या अधिशासी अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
सफाई में भी लापरवाही
वायु प्रदूषण को कम करने के लिए एनजीटी ने शहर में सफाई से पहले पानी के छिड़काव के आदेश दिए हुए हैं। काफी समय पूर्व के इस आदेश का अनुपालन नहीं हो रहा है। शहर भर में सुबह के समय सफाई के दौरान धूल उड़ती देखी जा सकती है।
वायु प्रदूषण रोकने को लेकर नगर निगम कई अभियान चला रहा है। शहर को कार्बन न्यूट्रल बनाने के लिए बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया गया है। कचरा नहीं जलाने के निर्देश अधिकारियों को पहले से निर्देशित किया हुआ है। यदि कोई आम नागरिक भी कचरा जलाता है तो नगर निगम उस पर सख्त कार्रवाई करेगा।
- ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।