सहारनपुर के रामपुर मनिहारान के चकवाली गांव में गोकशी की घटना के कारण विवाद के बाद रविवार को ग्राम प्रधान के घर पर हिंदू और मुस्लिम समाज के गणमान्य लोगों की पंचायत हुई।
इसमें निर्णय लिया गया है कि जो व्यक्ति गोकशी या तस्करी में लिप्त पाया जाएगा उसका गांव से बहिष्कार किया जाएगा। सामाजिक बहिष्कार के साथ ही ऐसे व्यक्तियों को किसी कार्यक्रम आदि में भी शिरकत नहीं करने दिया जाएगा।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि नकुल चौधरी के आवास पर आयोजित बैठक में गोकशी प्रकरण को लेकर पंचायत में मौजूद लोगों ने कहा कि गांव में शांति कायम करना सभी का पहला कर्तव्य है।
एक-दूसरे समाज के लोग कोई ऐसा कार्य न करें, जिससे किसी की भावना आहत होती है। उन्होंने कहा कि भविष्य में यदि किसी ग्रामीण की गोकशी और तस्करी आदि में संलिप्तता पाई गई तो सर्व समाज द्वारा उसका बहिष्कार किया जाएगा।
लियाकत मुखिया ने कहा कि कुछ लोग गोकशी जैसा घृणित कार्य कर गांव की फिजा खराब करना चाहते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ एकजुट होकर सर्व समाज को उसका बहिष्कार कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि गांव की किसी भी सूरत में शांति भंग नहीं होने दी जाएगी।
पंचायत में तय किया गया है कि गोकशी करने का आरोपी साजिद पुत्र कासिम की पत्नी ने जिनके खिलाफ झूठी रिपोर्ट लिखाई है उनका इस घटना से कोई लेना देना नहीं है।
पंचायत में यह भी निर्णय लिया गया है कि वह पुलिस को इस बात से अवगत कराए और झूठे मुकदमों को वापस लिए जाने की मांग को उठाया जाए। पंचायत में चौैधरी यामीन, मुनीराम, साधुराम, नारायण सिंह, मा. रकम सिंह, हाजी इदरीश, राशीद, तनवीर, रियासत, भूपेंद्र और मांगेराम रहे।