नेजे और 26 छडियां भी नहीं पहुंचीं, शाम को सिर्फ भक्तों ने की पूजा
कोरोना की वजह से म्हाड़ी के मुख्यद्वार पर रही बेरीकेडिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। बाबा श्री जाहरवीर गोगा महाराज की शान में गंगोह रोड स्थित म्हाड़ी पर मेला इस बार नहीं लगा। कोरोना की वजह से मेले की अनुमति नहीं थी। यही वजह थी कि नेजा और 26 छड़ियां भी म्हाड़ी पर नहीं पहुंच पाईं। कुछ भक्तों ने ही म्हाड़ी स्थल पर पहुंचकर शाम के समय पूजा की। अधिकांश भक्त मुख्यद्वार पर लगी बेरीकेडिंग की वजह से म्हाड़ी स्थल पर प्रवेश नहीं कर पाए।
शुक्ल पक्ष की दशमी पर हर वर्ष गंगोह रोड स्थित श्री जाहरवीर गोगा महाराज की म्हाड़ी पर मेला लगता था। इस दिन सभी 26 छड़ियां नेजे की अगुवाई में म्हाड़ी पर पहुंचती थीं और तीन दिवसीय गुघाल मेला लगता था। लाखों श्रद्घालु निशान व प्रसाद चढ़ाने आते थे। उधर, लोगों ने अपने घरों पर ही पूजा-अर्चना की। छड़ी के भक्त पंकज उपाध्याय, ताराचंद सैनी, अनिल प्रताप सैनी, गुलशन सागर, विनोद प्रकाश ने बताया कि 800 साल में पहली बार मेला नहीं लगा है।
छड़ियों के स्थानों पर की पूजा अर्चना
सहारनपुर। शहर में नेजे और सरदार छड़ी के अलावा सभी 26 छड़ियों के अलग - अलग स्थान हैं। श्रद्घालुओं ने वहां पहुंचकर प्रसाद चढ़ाया और मत्था टेक कर आशीर्वाद लिया। बंजारों के पुल के निकट स्थित मोहल्ला गणपत सराय में नेजा व सरदार छड़ी के स्थान पर लोग प्रसाद चढ़ाने पहुंचे। इसी तरह धौबीघाट, मोहल्ला रामनगर पठानपुरा में श्री सीता राम मंदिर में चौधरन छड़ी, पुरानी चुंगी के पास बिंद्रा प्रेमवाली छड़ी सहित अलग-अलग जगहों पर सभी छड़ियों के स्थानों पर डश्रद्घालुओं ने मत्था टेका। इस दौरान भक्तों ने सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया।
- छड़ी के पुजारियों को आधार चेक कर ही जाने दिया
सहारनपुर। म्हाड़ी पर पूजन न रूके, इसङको लेकर छड़ियों के पुजारियों को ही पूजा करने के लिए पुलिस ने म्हाड़ी स्थल में प्रवेश करने दिया। इन लोगों के भी आधार कार्ड चेक किए जा रहे थे।
कढ़ी - चावल का प्रसाद बांटा
सहारनपुर। गंगोह रोड पर कुछ जगहों पर भक्तों व श्रद्घालुओं ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कढ़ी - चावल का प्रसाद वितरित किया गया। इसी तरह शहर में लोगों ने अपने घरों पर ही पूजा अर्चना कर भी प्रसाद बांटा।