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नौ करोड़ के बिल पर ग्लोकल का यू-टर्न

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सहारनपुर। नौ करोड़ का कोविड अस्पताल का बिल भेजने के बाद ग्लोकल मेडिकल कॉलेज ने यू टर्न लिया है। प्रशासन की जांच बैठाने के बाद डीएम को पत्र भेजकर अब ग्लोकल की ओर से
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सेवा करने की बात कही है। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से अभी कोई राहत नहीं दी गई है। एसडीएम की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। जाहिर है ग्लोकल मेडिकल कॉलेज की गर्दन फंसी हुई दिख रही है।
प्रशासन ने ग्लोकल मेडिकल कॉलेज को कोविड अस्पताल बनाया। प्रशासन का ये दावा है कि सैनिटाइजेशन, खाने पीने, मेडिकल स्टाफ सहित सभी सुविधा उनकी ओर से मरीजों को उपलब्ध कराई गई है। केवल भवन का ग्लोकल का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन तीन दिन पहले से जिला प्रशासन को कॉपी करते हुए सीएमओ को चिट्टी ग्लोकल प्रशासन की ओर भेजा जा रहा है। शुरूआती पत्र में तीन करोड़ फिर दो दिन पहले अचानक नौ करोड़ का खर्चा ग्लोकल प्रशासन ने अपनी ओर से कोविड में खर्च करने की बात लिखी। जिलाधिकारी ने पत्र का संज्ञान लिया और ग्लोकल प्रशासन को बुलाकर जानकारी मांगी। फिर उन्होंने तुरंत बेहट एसडीएम सहित पांच चिकित्सकों की टीम गठित कर दी और जो खर्चे हुए हैं, उसका वाउचर मांग लिया। ग्लोकल प्रशासन के पास कोई वाउचर अभी तक के जांच में मिला नहीं। सोमवार की सुबह ही ग्लोकल प्रशासन की ओर से एक डाक से पत्र मिला है। इसमें कहा वे सेवा करना चाहते हैं, वे अपने बिल को वापस ले रहे हैं। जिलाधिकारी ने चूंकि पहले नौ करोड़ का बिल भुगतान की मांग की गई और फिर ये पत्र लिखना की वे इसे वापस ले रहे हैं, सेवा करना चाहते हैं, ये कहीं न कहीं प्रशासन को गुमराह करने वाला है। इसलिए बेहट एसडीएम की जांच का इंतजार है। एसडीएम की जांच रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने आएगा, उसी अनुसार प्रशासन कार्रवाई करेगा।
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एसडीएम की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। डाक में एक पत्र ग्लोकल की ओर से मिला है। ग्लोकल प्रशासन से जुड़े लोगों का बयान लिया गया है। वीडियोग्राफी भी कराई गई है। संभव है यह भी कोई कह दे कि प्रशासन ने जबरन पत्र लिखवाया है, इसलिए एसडीएम हर पहलू पर जांचकर के रिपोर्ट देंगे। रिपोर्ट के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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- अखिलेश सिंह, जिलाधिकारी, सहारनपुर
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