पुवांरका के गांव देवला निवासी रिजवान के दो घोड़ों में ग्लैंडर्स रोग की पुष्टि हुई है। ग्लैंडर्स घोड़ों से मनुष्यों में लगने वाली घातक और लाइलाज बीमारी है। खतरे को भांपते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है।
सहारनपुर को कंट्रोल एरिया घोषित किया गया है, जिसके बाद यहां के घोड़ों के जनपद से बाहर जाने और बाहर के घोड़ों के जनपद में आने पर रोक लगा दी गई है। इतना ही नहीं, दोनों घोड़ों को यूथनेसिया देकर निस्तारण (मारने) के निर्देश मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सहारनपुर को दिए हैं।
राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र हिसार हरियाणा के निदेशक ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर सहारनपुर के दो घोड़ों में ग्लैडर्स रोग होने की जानकारी दी। साथ ही इस बीमारी के खतरों का भी जिक्र किया है।
इसके अलावा रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र निदेशक तथा पशुपालन विभाग लखनऊ के पत्र के बाद ग्लैंडर्स रोग से धनात्मक पाए गए दोनों घोड़ों को यूथनेसिया देकर निस्तारण करने यानी मारने की निर्देश नोडल अधिकारी बनाए गए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को दिए गए हैं।
डीएम शफकत कमाल ने कानून के तहत कुछ प्रावधानों को जनपद में तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। सहारनपुर को कंट्रोल एरिया घोषित किया गया है। अश्व पशुओं यानी घोड़ा प्रजाति के कंट्रोल एरिया यानी सहारनपुर जनपद से बाहर जाने और बाहर के घोड़ों के जनपद में आने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
साथ ही कंट्रोल एरिया में घोड़ा बाजार, घोड़ा मेला, घोड़ा प्रदर्शनी या घुड़दौड़ आदि पर भी रोक लगा दी गई है। यह भी कहा गया है कि उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों और पशु चिकित्साधिकारियों को बीमार पशुओं को सीरम सैंपल लेने से रोका न जाए।