अरसे से सूबे में बनवास काट रही भाजपा दोबारा सत्ता में लौटने को बेताब है। परिवर्तन यात्रा के बहाने भाजपा कैराना के पलायन प्रकरण को अपना मुख्य मुद्दा बनाकर पश्चिम की जमीन को मजबूत करने की कोशिश करेगी।
इसके अलावा राज्य सरकार की लचर कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और अन्य मुद्दों पर माहौल गरमाकर पार्टी के दिग्गज हिंदुत्व की अलख भी जगाएंगे। इस बहाने हिंदू मतों का ध्रुवीकरण भाजपा की कोशिश में होगा।
पार्टी और उसके सहोदर संगठन पिछले एक महीने से इसी लीक पर काम कर रहे हैं। सहारनपुर से राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व में शुरू होने वाली परिवर्तन यात्रा बदलाव की अलख जगाकर अपना पैर कम से कम पश्चिम में ठोस जमीन पर रखना चाहेगी।
उत्तर प्रदेश में अपनी सियासी जमीन मजबूत करने में जुटी केन्द्र की सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी परिवर्तन यात्रा के जरिए पश्चिमी यूपी में माहौल को अपने पक्ष में बनाने की कवायद में जुटने लगी है। मंडल के शामली के कैराना प्रकरण के जरिए देश की राजनीति को गरमाने के बाद अब भाजपा सहारनपुर से शुरू होने वाली परिवर्तन यात्रा में इस मुद्दे को दोबारा से हवा देगी।
राज्य की सत्ताधारी समाजवादी पार्टी को अपना मुख्य प्रतिद्वंद्वी बनाने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह राज्य की कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को उठाएंगे। इसी आड़ में भाजपा हिंदुत्व की अलख जगाने की कोशिश करेगी। कारण, भाजपा में हिंदुत्व के मुद्दे के जरिए आसानी से हिंदू मतों को एकजुट कर ध्रुवीकरण हो सकता है।
आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव 2014 में भाजपा के तत्कालीन पीएम प्रत्याशी नरेंद्र मोदी के खिलाफ आई भड़काऊ सीडी के जरिए मतों का ध्रुवीकरण हुआ था। उस ध्रुवीकरण की आंधी में पूरे वेस्ट यूपी में भाजपा प्रत्याशियों ने जीत हासिल की थी। ऐसे में अब भाजपा कैराना पलायन प्रकरण को परिवर्तन यात्रा के जरिए हवा देकर माहौल को अपने पक्ष में करने की कोशिश करेगी।