सहारनपुर। प्रदेश के कृषि मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए स्मार्ट सिटी के तहत भी ऑक्सीजन प्लांट लगाया जाए। होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों तक कोविड किट अवश्य पहुंचनी चाहिए, इसमें कतई लापरवाही ना हो। साथ ही अस्पतालों में भर्ती मरीजों से अच्छा व्यवहार किया जाए।
कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने शनिवार को सहारनपुर के सर्किट हाउस में कोविड संक्रमण की स्थिति और मरीजों को मिल रही सुविधाओं के संबंध में समीक्षा बैठक की। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि जिले की नौ सीएचसी पर ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट लगाने और बेड की संख्या बढ़ाने को विधायक निधि से सहमति दी गई है। ऑक्सीजन की कमी दूर करने के लिए भविष्य के लिहाज से प्रभावी तैयारी रखनी है और स्मार्ट सिटी के तहत भी ऑक्सीजन प्लांट लगवाया जाए। उन्होंने कहा कि रेमडेसिविर और अन्य दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, इसके लिए मरीजों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। साथ ही जो मरीज होम आइसोलेशन में हैं, उन तक भी दवाएं पहुंचाने में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा सरकारी अस्पतालों में भर्ती कोविड मरीजों को दवा, ऑक्सीजन और भोजन ठीक से मिलता रहे, मरीजों के साथ सद्व्यवहार किया जाए। उन्होंने कहा कि पहले के मुकाबले मृत्यु दर कम हुई है। मेडिकल कॉलेज में कार्य करने के तरीके में सुधार लाया जाए। साथ ही महापौर से कहा कि सफाई एवं सैनिटाइजेशन का कार्य तेजी से कराया जाए।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती मरीजों से ज्यादा शुल्क वसूली की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए। यदि कोई अस्पताल संचालक मनमानी रकम वसूलता है तो उसकी जांच कराकर कार्रवाई कराई जाए।
इस दौरान कैराना से भाजपा सांसद प्रदीप चौधरी, जिलाधिकारी अखिलेश सिंह, महापौर संजीव वालिया, भाजपा जिलाध्यक्ष डाक्टर महेंद्र सैनी, विधायक किरत सिंह, देवेंद्र निम, पूर्व विधायक राजीव गुंबर, महानगर अध्यक्ष राकेश जैन, एसएसपी डा. एस चनप्पा, सीडीओ प्रणय सिंह, सीएमओ बीएस सोढ़ी, एसडीएम हिमांशु नागपाल, सिटी मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार सोनी और मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डाक्टर अरविंद त्रिवेदी भी मौजूद रहे।
मेडिकल कॉलेज का किया निरीक्षण
कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने समीक्षा बैठक के बाद पिलखनी स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। वहां उन्होंने ऑक्सीजन प्लांट की व्यवस्था देखी। जिलाधिकारी ने उन्हें बताया कि एक प्लांट से 110 सिलिंडर ऑक्सीजन प्रतिदिन भरने की व्यवस्था है, जल्दी ही अन्य प्लांट संचालित होंगे।