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Saharanpur News: धनराशि मिली, काम भी कराया..भूल गए उपयोगिता प्रमाण-पत्र देना

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- स्टांप विभाग से मिले 11 करोड़ रुपये का निकायों को देना होगा हिसाब
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- वित्त वर्ष 2024-25 की राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं कराया जमा
संवाद न्यूज एजेंसी

सहारनपुर। विकास कार्यों के लिए मिले अतिरिक्त दो फीसदी स्टांप शुल्क की धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र नगर निकाय नही दे रहे हैं। जब तक यह प्रमाण पत्र नहीं देंगे अगली धनराशि जारी नहीं होगी।
दरअसल, बैनामों में लगने वाले स्टांप शुल्क से दो फीसदी हिस्सा नगर निकायों को दिया जाता है। स्टांप एवं पंजीयन विभाग इन राशि को शासन को भेजता है। इसके बाद शासन द्वारा प्रदेशभर के नगर निकायों को धनराशि आवंटित की जाती है। धनराशि का हर तिमाही आवंटन होता है। इस पैसे से निकाय सड़क, नाली और अन्य कार्य करा सकते हैं। आवंटन की एवज में नगर निकायों को प्राप्त धनराशि से कराए गए कार्यों का प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना होता है। मतलब कि नगर निकाय ने इस मद से प्राप्त राशि को कहां और कौन से विकास कार्यों में खर्च किया है। इसका उपयोगिता प्रमाण पत्र देना अनिवार्य है।
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उपयोगिता प्रमाण पत्र उपलब्ध होने के बाद ही अगली किस्त की राशि जारी की जाती है, लेकिन नगर निगम सहारनपुर, नगर पालिका परिषद देवबंद, नकुड़ और सरसावा ने वित्त वर्ष 2024-25 के दूसरी तिमाही में प्राप्त राशि के प्रमाण पत्र उपलब्ध ही नहीं कराए। इसी तरह नगर पंचायत तीतरों, अंबेहटा, बेहट, रामपुर मनिहारान, नानौता और छुटमलपुर द्वारा भी एक भी कार्य का उपयोगिता प्रमाण पत्र न तो स्टांप विभाग को दिया गया और न ही शासन को भेजा गया है। अब शासन ने प्रदेश के साथ जिले के नगर निकायों को जल्द से जल्द उपयोगिता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसी कड़ी में स्टांप विभाग भी सभी नगर निकायों को पत्र भेजकर जल्द से जल्द उपभोग की गई राशि की जानकारी मांग रहा है।
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- वर्जन

शासन के निर्देशों के बाद सभी नगर निकायों को उपयोगिता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजे जा रहे हैं। सभी से जल्द से जल्द उपभोग की गई राशि के उपयोग की जानकारी देने के लिए कहा गया है। - बृजेश एस चौधरी, एआईजी स्टांप
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