सहारनपुर। सुप्रीम कोर्ट ने अपने नए आदेश में अस्पतालों, शिक्षण संस्थाओं और बस अड्डों से कुत्ते हटाने के आदेश दिए हैं। सहारनपुर की बात करें ताे यहां जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज से लेकर बस अड्डों तक पर कुत्तों का आतंक है। महानगर में करीब 40 हजार कुत्ते हैं। बीमार कुत्तों के लिए शेल्टर होम तक नहीं है।
जिला अस्पताल परिसर में चिकित्सकाें और कर्मचारियों की पूरी कॉलोनी है। अस्पताल परिसर में 50 से अधिक आवारा कुत्ते रहते हैं। यह कुत्ते महिला अस्पताल, एसबीडी जिला अस्पताल की ओपीडी और वार्डों के सामने घूमते रहते हैं।
कई बार ऑपरेशन या डिलीवरी के बाद निकलने वाली गंदगी में कुत्ते मुंह मारते मिले हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कुत्तों को ओपीडी और वार्डों से हटाना होगा। अस्पताल परिसर की कॉलोनी से हटाना इस लिए संभव नहीं है, क्योंकि कानून के अनुसार कुत्तों को उनके मूल स्थान से नहीं हटा सकते हैं। मेडिकल कॉलेज में भी कुत्ते इसी तरह वार्डों में भटकते हैं।
इसी प्रकार बस स्टैंड पर भी कुत्तों की भरमार है, जो रेहड़ियों और दुकानों से बची खाद्य सामग्री पर निर्भर रहते हैं। एक अनुमान के अनुसार महानगर में करीब 40 हजार लावारिस कुत्ते हैं। 100 नागरिकों पर तीन से चार कुत्ते होना माना जाता है।
चूंकि महानगर की आबादी दस लाख से अधिक है। ऐसे में यहां की कुत्तों की संख्या करीब 40 हजार मानी गई है। उधर, नगर निगम के पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. संदीप मिश्रा ने बताया कि कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने जो भी आदेश दिए हैं। उनका अनुपालन कराया जाएगा।