यहां भी बन रहे स्टेशन
अंबाला डिवीजन के अधीन फ्रेट कॉरिडोर लाइन पर यूपी की सीमा में पिलखनी, हरियाणा में कलानौर, जगाधरी, दराजपुर, बराड़ा, केसरी, दुखेड़ी, अंबाला सिटी, शंभू, सराय बंजारा के बाद पंजाब में सरहिंद, मंडी गोबिंदगढ़, खन्ना और चावापल्ली में स्टेशन बन रहे हैं। इन्हीं स्टेशनों पर मल्टी मॉड्यूलर लॉजिस्टिक हब बनाए जाने हैं।
बढ़ेगी माल की सप्लाई
फ्रेट कॉरिडोर पंजाब, हरियाणा, यूपी, बिहार, झारखंड व पश्चिम बंगाल से होकर गुजरेगा, जोकि राज्यों की इकोनॉमी में भी बूस्ट लाएगा। बंगाल, बिहार, झारखंड से हरियाणा, पंजाब के थर्मल प्लांटों में कोयले की सप्लाई होती है। पंजाब से उर्वरक, सीमेंट, स्टील प्लांटों के लिए चूना, पत्थर, ट्रैक्टर आदि की सप्लाई होती है।
तीन गुना हो जाएगी मालगाड़ी की रफ्तार
कॉरिडोर पर चलने वाली मालगाड़ियों के डिब्बे 3660 एमएम लंबे व 5.1 मीटर ऊंचे होंगे, इन पर डबल स्टेक रखने की क्षमता होगी। मालगाड़ी की लंबाई डेढ़ किमी तक होगी, जोकि 13 हजार टन माल लोड कर सकेगी।
इनकी औसत रफ्तार 75 किमी प्रतिघंटा होगी, जबकि अभी चल रही मालगाड़ी के डिब्बे 3200 एमएम लंबे हैं, इनकी ऊंचाई 4.6 एमएम है। यह सिंगल स्टेक हैं। अधिकतम लंबाई 700 मीटर है जो 5 हजार टन माल लाद सकती हैं। इन मालगाड़ी की औसत रफ्तार 25-30 किलोमीटर प्रतिघंटा है।
कॉरिडोर के तहत लुधियाना से पिलखनी तक का कार्य अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य निर्माण एजेंसी ने रखा है। कार्य को तेजी से पूरा कराने के लिए कहा गया है। - गुरिंदर मोहन सिंह, मंडल रेल प्रबंधक, अंबाला डिवीजन