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फ्रेट कॉरिडोर : सहारनपुर में तेजी से बन रहा स्टेशन, लाइन भी बिछी, 1856 किलोमीटर है कुल लंबाई

Tue, 13 Jul 2021 12:16 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर

सार

फ्रेट कॉरिडोर पंजाब, हरियाणा, यूपी, बिहार, झारखंड व पश्चिम बंगाल से होकर गुजरेगा, जोकि राज्यों की इकोनॉमी में भी बूस्ट लाएगा।
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फ्रेट कॉरिडोर पर सहारनपुर में तेजी से चल रहा है काम - फोटो : Amar Ujala Meerut
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विस्तार
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सहारनपुर डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के तहत लाइन बिछाने और स्टेशन बनाने के कार्य ने गति पकड़ ली है। कोरोना संक्रमण बढ़ने के दौरान यह रफ्तार धीमी हो गई थी। सहारनपुर जिले में रेलवे अंबाला मंडल के तहत फ्रेट कॉरिडोर पर पिलखनी में स्टेशन बना रहा है, जहां मालगाड़ियों में उत्पादों की लोडिंग, अनलोडिंग का कार्य होगा। इसका निर्माण टाटा कंपनी करा रही है, जबकि उससे आगे सहारनपुर की तरफ कॉरिडोर की लाइन का कार्य एलएंडटी कंपनी कर रही है।
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खास बात यह है कि अभी तक सहारनपुर शहर के बीच छोटी लाइन के निकट यह कार्य होता है, जो पिलखनी में स्टेशन और प्लेटफार्म तैयार होने पर वहां शिफ्ट हो जाएगा। इसका फायदा उद्यमियों को भी होगा, क्योंकि पिलखनी औद्योगिक क्षेत्र है। दूसरे राज्यों से कच्चा माल मंगाने और तैयार माल भिजवाने में भी मदद मिल सकेगी। 

दरअसल, ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 1856 किलोमीटर है, जो पश्चिम बंगाल के धनकुनी से लुधियाना तक बनाया जा रहा है। इसका निर्माण 2022 तक पूरा होना है, लेकिन अंबाला डिवीजन में 175 किमी लंबाई की रेल लाइन और अन्य कार्यों को अगले दो महीने के भीतर पूरा कराया जाना है।
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यमुना नदी पर भी नया पुल बनाया जा रहा है, जिसका 65 प्रतिशत तक कार्य लगभग पूरा हो चुका है। पिलखनी में स्टेशन के लिए प्लेटफार्म बनकर तैयार हो गया है और स्टेशन की बिल्डिंग भी बन चुकी है।
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यहां भी बन रहे स्टेशन 
अंबाला डिवीजन के अधीन फ्रेट कॉरिडोर लाइन पर यूपी की सीमा में पिलखनी, हरियाणा में कलानौर, जगाधरी, दराजपुर, बराड़ा, केसरी, दुखेड़ी, अंबाला सिटी, शंभू, सराय बंजारा के बाद पंजाब में सरहिंद, मंडी गोबिंदगढ़, खन्ना और चावापल्ली में स्टेशन बन रहे हैं। इन्हीं स्टेशनों पर मल्टी मॉड्यूलर लॉजिस्टिक हब बनाए जाने हैं। 

बढ़ेगी माल की सप्लाई 
फ्रेट कॉरिडोर पंजाब, हरियाणा, यूपी, बिहार, झारखंड व पश्चिम बंगाल से होकर गुजरेगा, जोकि राज्यों की इकोनॉमी में भी बूस्ट लाएगा। बंगाल, बिहार, झारखंड से हरियाणा, पंजाब के थर्मल प्लांटों में कोयले की सप्लाई होती है। पंजाब से उर्वरक, सीमेंट, स्टील प्लांटों के लिए चूना, पत्थर, ट्रैक्टर आदि की सप्लाई होती है। 

तीन गुना हो जाएगी मालगाड़ी की रफ्तार 
कॉरिडोर पर चलने वाली मालगाड़ियों के डिब्बे 3660 एमएम लंबे व 5.1 मीटर ऊंचे होंगे, इन पर डबल स्टेक रखने की क्षमता होगी। मालगाड़ी की लंबाई डेढ़ किमी तक होगी, जोकि 13 हजार टन माल लोड कर सकेगी।

इनकी औसत रफ्तार 75 किमी प्रतिघंटा होगी, जबकि अभी चल रही मालगाड़ी के डिब्बे 3200 एमएम लंबे हैं, इनकी ऊंचाई 4.6 एमएम है। यह सिंगल स्टेक हैं। अधिकतम लंबाई 700 मीटर है जो 5 हजार टन माल लाद सकती हैं। इन मालगाड़ी की औसत रफ्तार 25-30 किलोमीटर प्रतिघंटा है। 
 
कॉरिडोर के तहत लुधियाना से पिलखनी तक का कार्य अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य निर्माण एजेंसी ने रखा है। कार्य को तेजी से पूरा कराने के लिए कहा गया है। - गुरिंदर मोहन सिंह, मंडल रेल प्रबंधक, अंबाला डिवीजन 
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