चमारीखेड़ा में खाली पड़े टोल बूथ
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छुटमलपुर। बृहस्पतिवार को दुपहर बाद रेल रोको आंदोलन से लौट रहे भाकियू नेता की कार टोल कर्मी के अचानक बैरियर लगाने से क्षतिग्रस्त हो गई। इससे खफा यूनियन कार्यकर्ताओं ने टोल फ्री करा दिया और बीच सड़क पर धरने पर बैठ गए। करीब दो घंटे तक चली जद्दोजहद के बाद यूनियन कार्यकर्ताओं की गाड़ियों को सम्मान पूर्वक मुफ्त निकालने का आश्वासन देने के बाद प्रदर्शनकारी शांत होकर लौटे।
छुटमलपुर के संत नगर निवासी भाकियू के जिला उपाध्यक्ष डॉ. राजबीर सिंह करीब पौने चार बजे अपने साथियों के साथ रेल रोको आंदोलन में शामिल होकर घर लौट रहे थे। उनके अनुसार जैसे ही वे चमारी खेड़ा स्थित टोल प्लाजा पर पहुंचे तो वहां मौजूद कर्मचारी को उन्होंने अपना परिचय देकर जैसे ही कार निकालनी चाही तो उसने अचानक से बैरियर लगा दिया। इससे उनकी कार क्षतिग्रस्त हो गई। इसी दौरान पीछे से आ रहे यूनियन कार्यकर्ता भी मौके रुक गए। जैसे ही उन्हें माजरे का पता चला तो उन्होंने हंगामा कर टोल फ्री करा दिया। मामला बिगड़ता देखकर कर्मचारी टोल बूथ छोड़ कर चुप चाप एक तरफ हो गए। इसके बाद यूनियन कार्यकर्ता बीच सड़क पर ही धरने पर बैठ कर नारेबाजी करने लगे।
सूचना पर थानाध्यक्ष मनोज चौधरी भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने धरनारत कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया। भाकियू की युवा इकाई के जिलाध्यक्ष अजय कांबोज, डॉ. राजबीर सिंह, मनोज चौधरी और चौधरी पदम सिंह ने बताया कि टोल पर यूनियन कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है, इसे बरदाश्त नहीं किया जाएगा। परिचय देने और कार्ड दिखाने के बाद भी टोल कर्मी जबरन वसूली कर रहे हैं।
काफी जद्दोजहद के बाद टोल प्रबंधक ने यूनियन कार्यकर्ताओं की गाड़ियों को निकालने का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। टोल प्रबंधक मोहम्मद समीर ने बताया कि पौने चार बजे से चार बजकर 34 मिनट तक कुल 49 मिनट तक टोल फ्री रहा है। टोल कर्मी और भाकियू नेता के बीच हुए विवाद का समझौता हो गया है।