सहारनपुर। सदर तहसील के गांव नन्हेड़ा बक्काल स्थित तालाब की भूमि को कब्जा मुक्त कराने के संबंध में शिकायत आईजीआरएस(एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) पर की गई। आईजीआरएस पर की गई शिकायत का संबंधित लेखपाल ने फर्जी तरीके से निस्तारण दर्शा दिया। जांच में सच्चाई सामने आने के बाद लेखपाल आशीष कुमार को निलंबित कर दिया गया है।
शासन के निर्देशानुसार एक से 30 जून तक विशेष अभियान प्रदेशभर में चलाया गया। इसके तहत ग्राम नन्हेड़ा बक्काल में स्थित खसरा नंबर 133 रकबा 0.1740 हेक्टेयर जोहड़ की भूमि को कब्जा मुक्त कराने के लिए आईजीआरएस पर शिकायत की गई। इसके बाद संबंधित क्षेत्र के लेखपाल को मौके पर जाकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। लेखपाल ने इसके बाद भूमि को कब्जा मुक्त कराने की जानकारी अधिकारियों को दी, जबकि मौके पर न तो भूमि की पैमाइश की गई, और न ही अवैध कब्जा हटवाने संबंधी कोई कार्रवाई अमल में लाई गई।
लेखपाल ने अधिकारियों को भ्रामक जांच आख्या प्रस्तुत कर दी। इसके बाद हरौड़ा के नायब तहसीलदार ने शिकायत होने के बाद फिर से पूरे मामले की जांच की। जांच रिपोर्ट के बाद आरोपी लेखपाल आशीष कुमार को निलंबित कर रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय से संबद्ध किया गया है। तहसीलदार सदर को लेखपाल की उपस्थिति पंजिका में दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
- पहले भी चुकी कार्रवाई
यह कोई पहला मामला नहीं है, जब राजस्व विभाग की ओर से लापरवाही पर कार्रवाई की गई है। इससे पहले अप्रैल माह में भी फर्जी हस्ताक्षर और मुहर लगाकर मानचित्र के लिए एनओसी जारी करने के मामले में लेखपाल पर गाज गिर चुकी है। आरोपी लेखपाल ने अर्बन सीलिंग के खसरा नंबर 262/1 की 586.24 वर्गमीटर जमीन को सीलिंग से मुक्त दिखा दिया था। इसी तरह बेहट तहसील में तैनात कानूनगो को भी वरासत प्रमाणपत्र जारी करने में लापरवाही के आरोप में निलंबित किया जा चुका है। दोनों को आरोप पत्र भी जारी किए जा चुके हैं। साथ ही विभागीय जांच भी चल रही है।
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तालाब की भूमि से कब्जा हटाने के संबंध में आईजीआरएस पर शिकायत की गई थी। लेखपाल ने भ्रामक रिपोर्ट प्रस्तुत की। जांच में तथ्य सामने आने के बाद आरोपी लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है। शिकायत निस्तारण के मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- सुबोध कुमार, उपजिलाधिकारी सदर।