- कूटरचित सर्टिफिकेट व फोटो के जरिए भुगतान हड़पने का लगाया आरोप
- कोर्ट के आदेश पर थाना सदर बाजार में दर्ज हुई प्राथमिकी, जांच शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। एलईडी वैन से सरकारी प्रचार-प्रसार कराने के नाम पर करीब 2.17 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। सोफिया एडवर्टाइजिंग प्राइवेट लिमिटेड निदेशक मोबीन राना ने लखनऊ स्थित एरोल मास कम्यूनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधक और कर्मचारी पर कूटरचित सर्टिफिकेट व फोटो के जरिए धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर थाना सदर बाजार पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
मोबीन राना ने तहरीर देकर बताया कि सोफिया एडवर्टाइजिंग प्राइवेट लिमिटेड को भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत केंद्रीय संचार ब्यूरो से उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में एलईडी वैन द्वारा प्रचार-प्रसार का काम आवंटित हुआ था। कार्य का दायरा अधिक होने पर कंपनी ने उत्तर प्रदेश में कुछ कार्य एरोल मास कम्यूनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा था। शर्तों के अनुसार मौके पर किए गए प्रचार के मूल फोटो और प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने थे। आरोप है कि संबंधित फर्म के निदेशक राकेश कुमार चतुर्वेदी व उर्मिला चतुर्वेदी, प्रबंधक रश्मि सचान और कर्मचारी पंकज कुमार ने व्हाट्सएप पर सर्टिफिकेट व फोटो भेजे, लेकिन मूल दस्तावेज देने में लगातार टालमटोल की। बाद में फर्जी और कूटरचित सर्टिफिकेट तैयार कर उन्हें असली बताकर उपयोग में लाया गया, जिसके आधार पर करीब 2.17 करोड़ रुपये का भुगतान हड़प लिया गया।
आरोप है कि जब उन्होंने आपत्ति जताई तो दबाव बनाने के लिए अलग-अलग स्थानों पर झूठे प्रार्थना पत्र देकर परेशान किया। थाने में रिपोर्ट दर्ज न होने और एसएसपी को भेजे शिकायती पत्र पर कार्रवाई न होने के बाद पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली गई। अब कोर्ट के आदेश पर थाना सदर बाजार पुलिस ने राकेश कुमार चतुर्वेदी, उर्मिला चतुर्वेदी, रश्मि सचान और पंकज कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। उधर, सीओ द्वितीय मनोज कुमार यादव का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज हुई है। मामले की जांच उप निरीक्षक विपिन कुमार को सौंपी गई है।