सहारनपुर में सरकारी अस्पतालों में मरीजों को अब दवाइयों के बिना तड़पना नहीं पड़ेगा। इसके लिए शासन ने सवा दो करोड़ रुपये का बजट पास कर दिया है।
जनपद में जानलेवा बुखार कई दिनों से कहर बरपा रहा है। शहर से लेकर देहात तक चारों और डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है लेकिन सरकारी अस्पतालों में दवाइयों का स्टॉक खत्म होने के चलते मरीजों का भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
मरीजों को बाहर की दवाइयां लिखी जा रही थी। आर्थिक स्थिति से कमजोर कई मरीज तो बिना दवाइयों के ही तड़प रहे थे। स्वास्थ्य विभाग का कहना था कि बजट खत्म होने के कारण मरीजों को दवाइयां नहीं दी जा रही है।
अमर उजाला ने इस बड़ी लापरवाही से रविवार के अंक में विस्तार से उजागर किया था। खबर प्रकाशित होने के बाद शासन ने इसका संज्ञान लिया और आनन-फानन में दवाइयों के लिए करीब सवा दो करोड़ रुपये का बजट पास किया।
यह बजट सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली तीनों मंडलों के लिए है। सरकारी अस्पताल पहुंचने वालों मरीजों को सभी दवाइयां उपलब्ध करायी जाएगी। बजट के अभाव में थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। बजट पास होने से यह समस्या भी दूर हो गई है। - डाॅ. सईद मोहम्मद, सीएमओ, सहारनपुर।