सहारनपुर। अदालत ने लूट के चार दोषियों को छह-छह वर्ष की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी जुबैर, शहजाद, गुलफाम व नौशाद पर बीस-बीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इससे पिछली सुनवाई में चारों को दोषी ठहराया गया था।
वादी सोनीपत निवासी जगदीश ने गंगोह थाने में तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि उसने अपने परिचित महताब निवासी गंगोह से भैंस खरीदने के लिए कहा था। 20 जुलाई 2015 की शाम महताब ने फोन पर बताया कि उसने भैंस खरीद ली है। इसके बाद वह पिकअप बुक कर भैंस लेने के लिए चला गया। महताब बाइक पर दो युवकों के साथ चौसाना पहुंच गया। सुबह नौ बजे के करीब पीछे से एक सफेद इंडिका कार ने उन्हें ओवरटेक कर रोक लिया। आरोप लगाया कि बदमाशों ने तमंचे के बल पर उससे 93 हजार रुपये, मोबाइल आदि छीन लिए। बताया कि सभी गाड़ी में बैठकर कुंडाकलां गांव की तरफ भाग गए।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की। विवेचना के बाद मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-3 की अदालत में जारी थी। सहायक शासकीय अधिवक्ता दीपक सैनी ने दलील रखते हुए कहा कि दोषियों ने एक राय होकर वादी से नकदी, मोबाइल लूट के अपराध को किया है। लूटा गया माल भी उसी दिन दोषियों से ही बरामद किया गया है। साथ ही अपराध में इस्तेमाल हथियार भी पुलिस ने बरामद किए। उन्होंने सख्त से सख्त सजा दिए जाने की मांग की। अदालत ने पत्रावलियों पर आए साक्ष्यों और गवाहों को सुनने के बाद दोषियों को सजा सुनाई है।