आरोपी मुसाहिद। स्त्रोत-पुलिस
सहारनपुर। मेरठ मेडिकल कॉलेज से बंदी के फरार हो जाने के मामले में एएसएसपी सहारनपुर ने बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने दरोगा सहित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। सभी के खिलाफ मेरठ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कराया है।
सात फरवरी 2024 को देहात कोतवाली क्षेत्र में नंदी फिरोजपुर हाईवे पर ट्रक चालक वसीम निवासी ततारपुर गंगोह की गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर हत्यारोपियों की तलाश शुरू की थी। 15 नवंबर 2024 को हत्याकांड का खुलासा करते हुए चार आरोपियों मुसाहिद उर्फ लंबो, परवेज उर्फ मोंटी, जुल्फान उर्फ बुड्ढी और सोनू उर्फ नरेंद्र की गिरफ्तारी दिखाई थी। हत्यारोपी मुसाहिद तभी से जिला कारागार में बंद था।
कैंसर से पीड़ित होने के चलते 24 मार्च को उसकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके चलते उसे मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। वहां पुलिस अभिरक्षा में उसका इलाज चल रहा था। उसकी सुरक्षा के लिए पुलिस लाइन से दरोगा राजकुमार, हेड कांस्टेबल विनोद कुमार, कांस्टेबल आदित्य, देवेंद्र कुमार व नितिन कुमार को तैनात किया गया था।
19 जून 2025 की सुबह जब दरोगा राजकुमार बंदी के कमरे में गए तो मुसाहिद अपने बेड से गायब मिला। पुलिस ने तलाश की, लेकिन तीन दिन बाद भी उसका कोई सुराग नहीं लग पाया।
पुलिस लाइन के उप निरीक्षक नवीन कुमार ने आरोपी मुसाहिद समेत ड्यूटी पर तैनात छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने लापरवाही मानते हुए दरोगा राजकुमार, हेड कांस्टेबल विनोद कुमार, आदित्य, देवेंद्र को निलंबित कर दिया है।