मंगलवार को तीतरों क्षेत्र के ग्राम हैदरपुर निवासी गुरप्रीत सिंह 42 वर्ष पुत्र किशोरा सिंह की हायर सेंटर बुखार से उपचार के दौरान मौत हो गई। राजपाल 60 वर्ष पुत्र हरनंद व साधुराम 55 वर्ष पुत्र नरसिंह बुखार की भी बुखार के चलते जान गई। परिजनों का कहना है कि पिछले कई दिनों से बुखार की चपेट में आने के बाद से पहले स्थानीय स्तर पर चिकित्सकों से उपचार कराया, लेकिन आराम न होने की दशा में नानौता सीएचसी में इलाज चल रहा था।
इसके अलावा बुधवार को ग्राम ठोल्ला फतेहपुर निवासी अनुष्का 14 वर्ष पुत्री रामकिशन की भी बुखार की अधिकता के कारण मौत हो गई। वह कक्षा सात की छात्रा थी। किशोरी की मौत के बाद से परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों का कहना है कि कई दिनों से गांव में उसका उपचार कराया जा रहा था। आराम न होने पर नानौता प्राइवेट चिकित्सक के यहां उपचार चल रहा था। परिजनों ने बताया कि पिता बाहर मजदूरी करता है। गांव पहुंचने पर बेटी की मौत पर वह आपा खो बैठा और दीवार में सिर पटककर घायल हो गया।
सैकड़ों लोग बुखार की चपेट में
दोनों गावों में धर्मवीर सिंह, कमलेश, अंशुल, सोनम धीमान, ओपिन कुमार, केमता देवी, काका, आयुष, भवरसिंह, मोहित शीला सहित बड़ी संख्या में लोग गंभीर बुखार की चपेट में है। ग्रामीणों का कहना है कि पूरे गांव में गंदगी के ढेर लगे पड़े हैं, जिस कारण मच्छरों की वजह से बुखार ने पैर पसार रखे हैं।
डेंगू के पांच नए केस मिले
जिले में डेंगू का प्रकोप भी कम नहीं हुआ है। गुरुवार को डेंगू के पांच नए केस मिले। इससे पहले बुधवार को डेंगू के छह केस मिले थे, जो सरसावा, रामपुर मनिहारान, मुजफ्फराबाद और शहरी क्षेत्र के रहने वाले हैं। अब तक जिले में डेंगू के 310 मरीज मिल चुके हैं। वहीं, राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी डेंगू मरीजों का इलाज चल रहा है।
तीतरों क्षेत्र में बुखार से मौत की जानकारी नहीं मिली है। टीम को भेजकर पता कराया जाएगा कि मौत बुखार से हुई या फिर अन्य कोई कारण रहा। रिपोर्ट देखने और जांच कराने पर ही पता लगेगा। - शिवांका गौड़, जिला मलेरिया अधिकारी