सहारनपुर। शिव पुराण कथा के अंतर्गत कथा व्यास महामंडलेश्वर संजीव शंकर महाराज ने कहा कि शिवलिंग उपासना भगवान की निराकार उपासना है, जब तक निराकार के प्रति पूरी श्रद्धा दृढ़ता के साथ न बने तब तक साकार की पूजा को ही श्रेष्ठ बताया गया है। भगवान शिव के शिवालय बनाने का जितना महत्व है, उससे कई गुना अधिक शिवलिंग स्थापित करने का महत्व है।
आवास विकास कॉलोनी स्थित श्री हरि मंदिर में विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष शिव कुमार गौड़, विनय गौड़ परिवार द्वारा शिव पुराण कथा का आयोजन किया गया। कथा व्यास संजीव शंकर महाराज ने नर्मदेश्वर शिवलिंग कथा प्रसंग सुनाते हुए कहा, गृहस्थ जीवन में नर्मदेश्वर शिवलिंग सर्वाधिक उपयोगी है। वही शिवलिंग ऐसा है जिससे स्पर्श किया हुआ प्रसाद ग्रहण किया जा सकता है, अन्यथा अन्य शिव लिंग के लिए दूर से प्रसाद रखने की व्यवस्था होनी चाहिए। नर्मदा नदी से निकले हुए शिवलिंग को ही नर्मदेश्वर शिवलिंग कहते हैं। कथा व्यास ने नारद जी का मोह प्रसंग और शिवालय में दीप प्रज्ज्वलित करने से कुबेर पद प्राप्त होने का प्रसंग सुनाया। कथा में भजनों की प्रस्तुति की गई।
कथा में शिव कुमार गौड़, विनय गौड़, शुभांग गौड़, स्वामी कौशलेंद्र, हरीश चावला, केएल अरोड़ा, रवींद्र तोमर, आरसी शर्मा, अनुज शर्मा, सागर भारद्वाज, नितिन, साहिल मोनकर, परमप्रीत बत्रा, अशोक गांधी, शरद भार्गव, अनुपमा, सरोज, स्नेहलता, संतोष, मीनाक्षी, विधिना आदि मौजूद रहे।