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पूर्व सांसद जगदीश राणा का निधन

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पूर्व सांसद जगदीश राणा का निधन
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कोरोना जांच रिपोर्ट आई थी पॉजिटिव, 12 दिन से फरीदाबाद स्थित अस्पताल में थे भर्ती
सहारनपुर। भाजपा नेता एवं पूर्व सांसद जगदीश राणा का सोमवार रात करीब सवा आठ बजे निधन हो गया। 67 वर्षीय जगदीश राणा की कोविड -19 जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। करीब 12 दिन से उनका फरीदाबाद स्थित अस्पताल में उपचार चल रहा था। उनके निधन की सूचना से परिवार और परिचितों में शोक छा गया है।
सहारनपुर में उनका परिवार अहमदबाग कालोनी में रहता है। उनके निधन की खबर मिलते ही रिश्तेदार और अन्य लोग यहां पहुंच गए। परिवार में जगदीश राणा के दो भाई महावीर राणा पूर्व विधायक हैं तो दूसरे भाई हेम सिंह राणा फरीदाबाद में कारोबार करते हैं। जगदीश राणा के दो पुत्र अजय प्रताप राणा और विजय प्रताप राणा हैं। बेटी रीतू राणा अमेरिका में रहती हैं।
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जगदीश राणा का राजनीतिक सफर
28 अगस्त 1954 को जन्मे जगदीश राणा ने जेपी आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए राजनीतिक पारी की शुरुआत की थी। 1988 में ब्लाक प्रमुख मुजफ्फराबाद का चुनाव जीता और मई 1991 में मुजफ्फराबाद विधानसभा क्षेत्र से जनतादल प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीत कर पहली बार विधानसभा पहुंचे। जनवरी 1992 में उत्तर प्रदेश जनतादल (अ) के महासचिव बने और पश्चिमी उप्र के संगठन प्रभारी बने। फिर 1993 का विधानसभा चुनाव पुन: जनतादल के टिकट पर लड़ा। फरवरी 1994 में समाजवादी पार्टी में शामिल हुए। उप्र सपा के महामंत्री बने, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संगठन प्रभारी बने तथा अक्तूबर 2003 तक इस पद पर बने रहे। अक्तूबर 1996 व फरवरी 2002 का विधान सभा चुनाव सपा के टिकट पर मुजफ्फराबाद सीट से लड़कर जीता और 2003 में उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री बने। फिर 2007 का विधानसभा चुनाव लड़ा और सपा के बागी उम्मीदवार इमरान मसूद से चुनाव हार गए।
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2008 में वह बसपा में शामिल हो गए। 2009 में सहारनपुर लोकसभा क्षेत्र से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा तथा पूर्व कैबिनेट मंत्री रशीद मसूद को हराया। वर्ष 2012 के विस चुनाव में उन्होंने अपने भाई महावीर राणा को बेहट विस क्षेत्र से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़वाया। महावीर राणा सपा की लहर के बावजूद चुनाव जीत गए। 2014 में जगदीश राणा बसपा से चुनाव लड़े पर भाजपा के राघव लखन पाल शर्मा से हार गए। इसके बाद 2016 में वह भाजपा में शामिल हो गए और अब तक भाजपा में रहे।
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