अंबाला रोड स्थित ईदगाह का बंद पड़ा द्वार।
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सहारनपुर। लॉकडाउन की वजह से धार्मिक स्थल बंद हैं। जिले के सबसे बड़े ईदगाह में इस्लामिक कैलेंडर के हिसाब 171 साल में पहली बार ऐसे समय आया है जब ईद की नमाज अदा नहीं होगी। नायब शहरकाजी नदीम अख्तर ने सामाजिक दूरी का पालन करते हुए कुछ लोगों के लिए नमाज अदा करने की अनुमति मांगी, लेकिन परमिशन नहीं मिली।
शहर में अंबाला रोड स्थित ईदगाह में एक साथ 75 से 80 हजार लोग नमाज पढ़ते हैं और इतने ही लोग ईदगाह के बाहर होते हैं। ईदगाह में पहली बार 1857 में ईद की नमाज अदा की गई थी। इसके बाद से यह सिलसिला हर वर्ष जारी रहा, लेकिन कोरोना वायरस की वजह से हुए लॉकडाउन के कारण इस बार सोमवार को ईदगाह के द्वार नहीं खुलेंगे। ऐसा पहली बार हुआ, जब ईदगाह बंद रहेगा।
नायब शहरकाजी नदीम अख्तर का कहना है कि वह बहुत आहत हैं। क्योंकि, 171 साल में पहली बार ऐसा होने जा रहा है, जब ईदगाह में नमाज अदा नहीं होगी। वह लगातार ईदगाह में कुछ लोगों के लिए नमाज अदा करने की अनुमति देने की मांग करते रहे। ईदगाह में इतनी जगह है कि अगर एक हजार लोगों को भी नमाज पढ़ने की अनुमति दी जाए तो एक-एक व्यक्ति के बीच 10 से 15 मीटर की सामाजिक दूरी रहेगी। शासन-प्रशासन रोस्टर के हिसाब से बाजार खुलवा रहा है, लेकिन धार्मिक स्थल बंद पड़े हैं, जो अफसोस जनक है। ईदगाह में तो सिर्फ वर्ष में दो बार ही नमाज होती है। ऐसे में अनुमति न मिलने की वजह से वह मायूस और परेशान भी हैं।
नायब शहर काजी नदीम अख्तर।- फोटो : SAHARANPUR