देवबंद। देश का सबसे पवित्र मिरगपुर गांव एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार इसकी चर्चा का कारण बने हैं युवा शोभित कुमार। वे देश, गांव और परिवार की सुख, शांति और समृद्धि के लिए बाबा फकीरादास के मंदिर में 41 दिन की खड़ी तपस्या कर रहे हैं।
मिरगपुर गांव के लोग पिछले पांच सौ सालों से मांस, मदिरा और धूम्रपान का सेवन नहीं करते, जिसके चलते यह आदर्श गांव के नाम से जाना जाता है और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज है। यहां के रहने वाले युवा शोभित गुर्जर 14 जनवरी से खड़ी तपस्या कर रहे हैं। शोभित का कहना है कि वह देश, गांव और परिवार की सुख, शांति और समृद्धि के लिए 30 दिन से खड़ी तपस्या कर रहे हैं। बाबा फकीरादास की प्रेरणा से वह 41 दिन तपस्या करेंगे। खड़ी तपस्या के कारण शोभित के पैरों में सूजन आ गई है। गांव और बाहर से लोग आकर शोभित को देख रहे हैं और उनकी सेवा कर रहे हैं।
बताया कि वे इससे पूर्व देश की खुशहाली के लिए केदारनाथ की पैदल यात्रा भी कर चुके हैं। शोभित की खड़ी तपस्या को लेकर मिरगपुर गांव निवासी सुशील गुर्जर का कहना है कि सभी बाबा गुरु फकीरादास को मानते हैं। कहा कि शोभित की इस तपस्या से सभी युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए।