सीरोलॉजिकल टेस्ट के लिए 400 लोगों के नमूने लिए
सहारनपुर। आईसीएमआर की टीम ने सीरोलॉजिकल टेस्ट के लिए जनपद से 400 लोगों के नमूने लिए हैं। टीम दो दिन तक सहारनपुर में रहीं। अब संबंधित लोगों के साथ चिकित्सा विभाग को भी रिपोर्ट आने का बेसब्री से इंतजार है।
नमूने लेने के लिए आईसीएमआर की टीम चिलकाना, नेहरू मार्केट, मुजफ्फराबाद, रामपुर मनिहारान, देवबंद, बेहट, नकुड़, नागल, हरौड़ा और ईएसआई गई। यहां से कुल 400 लोगों के नमूने लिए गए। टीम मंगलवार को देर शाम लौट गई। अधिकारियों ने बताया कि सीरो टेस्ट में यह देखा जाता है कि लोगों में एंटीबॉडी का स्तर क्या है। 1.5 फीसदी से अधिक एंटीबॉडी वाला व्यक्ति प्लाज्मा दान कर सकता है।
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क्या है सीरोलॉजिकल जांच
सीरोलॉजिकल जांच एक तरह का ब्लड टेस्ट है। इससे व्यक्ति के खून में मौजूद एंटीबॉडी की पहचान की जाती है। खून में यदि रेड ब्लड सेल्स को निकाल दें तो जो पीला पदार्थ बचता है उसे ही सीरम कहते हैं। सीरम में मौजूद एंटीबॉडी से विभिन्न बीमारियों की पहचान के लिए अलग-अलग तरह के सीरोलॉजिक टेस्ट किए जाते हैं। सभी तरह के सीरोलॉजिकल टेस्ट में एक बात समान होती है कि यह प्रतिरोधक क्षमता द्वारा बनाए गए प्रोटीन पर निर्भर करते हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता बाहरी तत्वों द्वारा शरीर पर किए जा रहे आक्रमण को रोक कर मनुष्य को बीमार होने से बचाती है।
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मेडिकल कॉलेज में कोरोना
सरसावा। राजकीय मेडिकल कॉलेज के मेडिकल छात्र कोरोना की चपेट में हैं। कॉलेज सूत्रों ने बताया कि अभी तक करीब 40 छात्र कोरोना संक्रमित पाए जा चुके हैं। इनमें से करीब 20 छात्रों को कोविड केयर सेंटर में भर्ती तक करना पड़ा है। संतोष की बात यह है कि पॉजिटिव आए छात्र ठीक होकर लौट रहे हैं।
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सीरो टेस्ट के लिए आईसीएमआर की टीम सहारनपुर से करीब 400 लोगों के नमूने लेकर गई है। अब जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है। उसी से पता चलेगा कितने लोगों में एंटीबॉडी की क्या स्थिति है।
शिवांका गौड़, नोडल अधिकारी।