सहारनपुर। सोने और चांदी के दामों में अस्थिरता से बाजार का मिजाज बदला हुआ है। आमजन नए गहनों के बदले घरों में रखे पुराने गहनों के बदले नए गहने बनवा रहे हैं।
पिछले महीने आयात शुल्क बढ़ने और दाम में अस्थिरता के चलते बाजार अब इसी भरोसे चल रहा है। सराफा बाजार में मंदी का दौर है। जनवरी माह में चांदी के दाम चार लाख रुपये प्रति किलो से ऊपर पहुंच गए थे। इसके बाद से ही इसमें गिरावट है। लगातार गिर रहे दामों से खरीदार और इंतजार की स्थिति में हैं। चांदी में निवेश करने वाले ग्राहक बाजार से गायब है।
महानगर के सर्राफा कारोबारी अमित बताते हैं कि मांगलिक कार्य भी बंद हो गए हैं। ऐसे में बाजार में जो थोड़ी-बहुत खरीदी हो रही थी। वह भी कम हो गई है। ग्राहक अब पुराने गहनों को बाजार में ला रहे हैं। इससे उन्हें फायदा हो रहा है। इसमें ग्राहक नई धातु खरीदने के बजाए पुराने को बाजार में लाते हैं। पुराने गहनों को गलाकर मेकिंग चार्ज और जीएसटी देकर नए डिजाइन के गहने बनवा रहे हैं। यह मध्यम वर्ग के लोगों के लिए सुरक्षित विकल्प बन रहा है। आगामी वैवाहिक सीजन को देखते हुए लोग पुराने आउटडेटेड गहनों को नए ट्रेंडी लुक में तैयार करवा रहे हैं। कारोबार और कारीगर इसी के भरोसे हैं।
सराफा कारोबारी विभु गोयल बताते हैं कि शनिवार को सोने के दाम 1.53 लाख रुपये प्रति प्रति दस ग्राम सहित वहीं चांदी भी 2.37 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास रही। मांगलिक कार्यों पर रोक है। ऐसे में बाजार में ग्राहक काफी कम संख्या में आ रहे हैं उन्होंने बताया कि आमजन नई के बजाय पुराने गहनों को बदलकर नए डिजाइनदार गहने खरीद रहे हैं।