सहारनपुर/बड़गांव। पहाड़ियों पर हुई बारिश के बाद हिंडन नदी का जल स्तर बढ़ने से आसपास के दर्जन भर गांवों के सैकड़ों किसानों की धान, गन्ना, हरे चारे और पापुलर की फसल पानी में डूब गई। प्रभावित किसानों ने नुकसान का सर्व कराते हुए मुआवजा दिलाने की मांग तहसील प्रशासन से की है।
प्रभावित किसानों नंदी के विनोद कुमार, पद्मश्री सेठपाल सिंह, श्रीपाल और प्रदीप सिंह ने बताया कि शनिवार दोपहर से नदी में पानी का बहाव बढ़ गया है। सहारनपुर बड़गांव मार्ग से नंदी होते हुए नागल जाने वाले मार्ग पर स्थित रपटे पर दो से तीन फीट बह रहा है। इस कारण यह रास्ता भी बंद पड़ा है। इस मार्ग से दो दर्जन से ज्यादा गांवों के लोग सफर करते हैं। पानी के बहाव के चलते क्षेत्रीय गांवों बेलड़ा जुनारदार, नंदी फिरोजपुर, जैनपुर, कुतुबपुर, साढ़ौली हरिया, बहादरपुर, सकतपुर, बुड्ढाखेड़ा गुर्जर आदि गांवों के हिंडन से सटे खेतों में पानी भर कर खड़ा हो गया है। इससे धान, गन्ने, हरे चारे, सिंघाड़े की फसल के साथ ही पापुलर के पेड़ों को भी काफी नुकसान पहुंच रहा है। पानी से नंदी निवासी विनोद की पचास बीघा धान और चारे, छह बीघा सिंघाडे, प्रदीप के गन्ने, जैनपुर के विनोद सिंह की दस बीघा गन्ने, अर्जुन सिंह की 15 बीघा धान की फसल खराब हो गई है।
वहीं, बड़गांव क्षेत्र के भगवानपुर, महेशपुर, नूनाबडी, बेलडा, शिमलाना व बहेड़ा गांव के किसानों के खेतों में फिर से हिंडन का पानी घुस गया। इससे फसल जलमग्न हो गई और किसानों को परेशानी हो रही है। किसान कानसिंह, प्रधान कमल सिंह राणा, मोहन राणा, संजय आदि ने बताया कि अभी तक एक माह पहले नदी का जलस्तर बढ़ने से खेतों में भरा पानी पूरी तरह सूख भी नहीं पाया था, अब पिछले दो दिन से फिर हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। इससे ज्वार, गन्ने व सब्जी आदि फसल खराब हो रही है।