एक्सप्रेसवे पर जाम के दौरान पैदल निकलते यात्री
छुटमलपुर। अंडरपास पर जिस जगह बजरी से भरा डंपर अनियंत्रित होकर पलटा, वहां पर सर्विस रोड नीची है और अंडरपास के नीचे का रास्ता उससे ऊंचा है। सर्विस रोड से अंडरपास में घुसते वक्त एकदम से वाहन को झटका लगता है। माना जा रहा है कि जब तेज रफ्तार डंपर अनियंत्रित होकर अंडरपास में घुसा तो अचानक झटका लगने से उसका पीछे का हिस्सा पलट गया।
बता दें, कि दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे के निर्माण में लगातार लापरवाही सामने आ रही है। गागलहेड़ी बाईपास से गणेशपुर तक एक भी फ्लाईओवर ऐसा नहीं है, जिस पर वाहनों के संचालन के बाद कोई न कोई कमी न आई है। इन कमियों की वजह से हादसे भी हुए हैं। ऐसे में इन्हें बंद करके फिर से मरम्मत कार्य करना पड़ रहा है। फिलहाल भी चमारीखेड़ा के पास छुटमलपुर बाईपास के फ्लाईओवर को बंद करने निर्माण कंपनी इसकी मरम्मत कर रही है। जिस अंडरपास के पास हादसा इसका फ्लाईओवर भी हादसे के वक्त बंद किया हुआ था।
इस बात को लेकर जाम लगा रहे लोगों में भी खासा गुस्सा था। हादसे के बाद नीचे सर्विस रोड पर जब जाम लगा तो एनएचएआई के कर्मचारियों ने इस फ्लाई ओवर को आनन फानन में वाहनों के लिए खोल दिया था। इससे नाराज लोगों ने हंगामा करते हुए इसे फिर से बंद करा दिया। लोगों का कहना था कि वह किसी भी सूरत में सर्विस रोड से अब भारी वाहनों को नहीं गुजरने देंगे। दस दिन पहले भी हादसे यहां एक मौत हो गई थी। उससे पहले कमालपुर निवासी बाइक मिस्त्री की भी यहीं पर ट्रैक्टर-ट्राॅली से कुचलकर मौत हो गई थी। इससे पहले बिहारीगढ़ में फ्लाई ओवर पर धंसी सड़क पर उछलने से रुड़की निवासी स्कूटर सवार की मौत हो गई थी।
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एनएचएआई की क्रेन और एंबुलेंस न मिलने पर दिखा रोष
जाम लगाने वाले लोगों में इस बात को लेकर भी आक्रोश था कि हादसे के बाद एक घंटा तक उन्होंने खुद ही अपने संसाधनों से डंपर को हटवाकर कार सवारों को बाहर निकाला। इस दौरान एनएचएआई की तरफ से उन्हें कोई मदद नहीं मिल सकी। न तो मौके पर जेसीबी या क्रेन भेजी गई और न ही मृतकों को ले जाने के लिए टोल की तरफ से एंबुलेंस की व्यवस्था की गई। पुलिस की गाड़ियों से ही शवों को अस्पताल भेजा गया।