राशन कार्डों से परिवार के सदस्यों के नाम काटे जाने से नाराज नदीम कॉलोनी की महिलाओं ने बुधवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने जिलापूर्ति विभाग पर राशन की कालाबाजारी करने का भी आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने एडीएम (ई) से मुलाकात कर राशन कार्डों की खामियां दूर कराने की मांग की गई।
कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करने पहुंचे कॉलोनीवासी पूर्व सभासद पति राशिद अंसारी, हिना, फात्मा, रिजवाना, शाहिदा, नूरजहां, रफीकन, शहनाज, रुखसाना ने बताया कि जिला पूर्ति विभाग की ओर से उन्हें राशन कार्ड जारी किए गए हैं।
राशन कार्ड में नाम किसी का है तो फोटो किसी और की लगी हुई है। साथ ही ज्यादातर राशन कार्डों में परिवार के सदस्यों के नाम काट दिए गए हैं। इसके अलावा सक्षम परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्ड बनाए जा रहे हैं।
इसकी शिकायत जिलापूर्ति विभाग से की गई, मगर कोई समाधान नहीं हो सका। आरोप है कि विभाग ने प्राइवेट कंपनी को ठेका देकर राशन कार्ड बनवाए हैं।
प्राइवेट कंपनी के कर्मचारियों ने कार्ड बनाने में घोर लापरवाही बरती है, जिसका नतीजा राशन कार्डों में मिल रही खामियां हैं। उन्होंने एडीएम (ई) ओपी वर्मा से मिलकर राशन कार्डों की खामियों को दूर कराने की मांग की। उनके आग्रह पर एडीएम ने तुरंत जिला पूर्ति अधिकारी से फोन पर बात कर चर्चा की।
इसके बाद राशन कार्डों की खामियों को दूर कराने का आश्वासन कॉलोनीवासियों को दिया। इस मौके पर पूर्व सभासद के पति राशिद अंसारी, शकीला, हिना, मीना, खुर्शीदा, शाजदा, शमशेर, सलीम, दिलशाद, इमराना, वकीला, नसरीन, हरजाना, नसीम मौजूद थीं।
बाजार में बिकता मिला सरकारी राशन
सरसावा। सरकारी राशन बाजार में बिकता देख ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। उन्होंने राशन के बोरों से लदे वाहन को पकड़कर पुलिस को मौके पर बुलाकर सौंप दिया। पुलिस ने राशन के 20 बोरे कब्जे में लेने के साथ ही आरोपी चालक को हिरासत में ले लिया और पूछताछ की।
बुधवार को नकुड़ रोड पर उस समय हंगामा हो गया, जब लोगों ने एक वाहन से सरकारी अनाज प्राइवेट दुकान पर उतरता देखा। मौके पर मौजूद गांव सलेमपुर निवासी मुर्सलीन, भूरा, नौशाद और पवन आदि ने उक्त राशन अपने गांव के राशन डीलर का बताते हुए हंगामा कर दिया।
वाहन चालक नीटू ने भी उन्हें राशन गांव सलेमपुर के हिस्से का ही बताया। बताया कि डिपो होल्डर ने यह राशन यहां भेजा है। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने अनाज को अपने कब्जे में लिया। साथ ही चालक को भी हिरासत में ले लिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि डिपो होल्डर अक्सर सरकारी अनाज की कालाबाजारी करता है, जिसकी वजह से जरूरतमंदों तक राशन नहीं पहुंच पाता है। सप्लाई इंस्पेक्टर सुमनलिका सक्सेना ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।